केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत और निर्यातकों से आग्रह किया है कि वे विकसित देशों के साथ भारत द्वारा हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौतों का पूरा लाभ उठाएं, नए बाजारों में पैठ बनाएँ, गुणवत्ता सुधारें और अधिक प्रतिस्पर्धी बनकर रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि को बढ़ावा दें। मंत्री ने यह संदेश 35 निर्यात संवर्धन परिषदों और प्रमुख उद्योग निकायों के साथ आयोजित बैठक में दिया, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार की व्यापार प्रोत्साहन पहलों की सराहना की। गोयल ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों, श्रमिकों, पेशेवरों, कारीगरों और लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजार तक बेहतर पहुंच देने के लिए विकसित देशों के साथ कई व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के माध्यम से न केवल भारत की पारंपरिक औषधियाँ और योग वैश्विक मंच पर अवसर पाएंगे बल्कि कृषि और डेयरी क्षेत्रों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।
बैठक में मंत्री ने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे नए बाजारों में प्रवेश, उत्पादों की गुणवत्ता सुधार और व्यापार समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने के प्रयास तेज करें। उन्होंने कहा, “भारत ने प्राचीन काल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी पहचान बनाई है। हमारे व्यापारिक समझौते ‘विकसित भारत मिशन’ को गति देंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को आगे बढ़ाएंगे।” उद्योग प्रतिनिधियों ने हाल ही में ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रधानमंत्री और वाणिज्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से, संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय आयात पर लगे 25% अतिरिक्त टैरिफ को 6 फरवरी 2026 के अमेरिकी कार्यकारी आदेश के माध्यम से समाप्त किए जाने की सराहना की गई। इस कदम से भारतीय निर्यातकों को स्थिरता और प्रतिस्पर्धात्मकता मिल रही है।
बैठक में शामिल उद्योग संघों में एफआईईओ, जीजेईपीसी, एईपीसी, सीएलई, ईईपीसी इंडिया, सीएचईएमईएक्ससीआईएल, टीईएक्सपीआरओसीआईएल, एमएटीईएक्सआईएल, सीईपीसी, ईपीसीएच, एसईएआई, एपीडीए,एसएचईएफईएक्ससीआईएल, आईओपीईपीसी, इंडिया एसएमई फोरम, एफआईसीसी, एएस्सोचैम, नैस्कॉम और पीएचडीसीसीआई सहित अन्य प्रमुख संघ शामिल थे। मंत्री ने यह भी बताया कि निर्यात प्रोत्साहन मिशन (EPM) के तहत उद्योगों को निर्यात ऋण के लिए ब्याज सब्सिडी, प्रतिभूति गारंटी और लक्षित बाजार पहुंच जैसे उपाय प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अलावा, व्यापार वित्त, निर्यात लॉजिस्टिक्स, अनुपालन, ब्रांडिंग और बाजार विविधीकरण से संबंधित अतिरिक्त उपाय चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। गोयल ने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार में एक विश्वसनीय आपूर्ति भागीदार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है और सरकार उद्योग जगत को नए व्यापार समझौतों का लाभ उठाने और निर्यात वृद्धि को गति देने के लिए पूरी तरह समर्थन दे रही है।