2 दिन तक कहां छिपा था अमेरिकी पायलट, रेस्क्यू के बाद अब भी ईरान के घेरे में फंसी टीम

Vin News Network
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दूसरे लापता अमेरिकी पायलट का रेस्क्यू संपन्न

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी वायुसेना के F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दूसरे लापता पायलट को ढूंढ लिया गया है. अल-जजीरा की रिपोर्ट में एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के हवाले से इस सूचना की पुष्टि की गई है. ज्ञात हो कि 3 अप्रैल 2026 को ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने के बाद इसमें सवार दो पायलटों के लिए खोज अभियान शुरू किया गया था. विमान के गिरने के तुरंत बाद पहले पायलट को उसी दिन सुरक्षित निकाल लिया गया था लेकिन दूसरा पायलट पिछले दो दिनों से लापता था.

वर्तमान सैन्य स्थिति के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी ईरान की सीमा के भीतर सक्रिय है. अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने दूसरे पायलट के स्थान का पता लगाकर उसे अपने संरक्षण में ले लिया है. इस अभियान के दौरान क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच सैन्य गोलीबारी दर्ज की गई है. दोनों देशों के बीच जारी इस जमीनी संघर्ष के कारण रेस्क्यू दल को परिचालन में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. पायलट की स्थिति स्थिर बताई गई है लेकिन ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी उसे सुरक्षित क्षेत्र तक नहीं पहुंचाया जा सका है.

रणनीतिक रूप से अब अमेरिकी सेना का मुख्य उद्देश्य पायलट और रेस्क्यू टीम को ईरानी हवाई क्षेत्र और सीमा से सुरक्षित बाहर निकालना है. 3 अप्रैल की घटना के बाद ईरानी सरकार ने इन पायलटों की खोज करने वालों के लिए आधिकारिक तौर पर इनाम की घोषणा की थी जिसके कारण सुरक्षा जोखिम अधिक बना हुआ है. रेस्क्यू टीम वर्तमान में सुरक्षित निकासी मार्ग और लॉजिस्टिक सहायता का समन्वय कर रही है. ईरानी सीमा के भीतर सक्रिय सैन्य गतिविधियों के कारण यह निकासी प्रक्रिया अत्यंत जटिल बनी हुई है.

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत चलाया जा रहा है. अमेरिकी रक्षा विभाग स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है और हवाई सुरक्षा प्रदान करने के लिए अतिरिक्त संसाधन तैनात किए गए हैं. पायलट को ईरान से बाहर निकालने की प्रक्रिया में निरंतर सैन्य गोलाबारी एक प्रमुख बाधा बनी हुई है. जब तक रेस्क्यू टीम अंतरराष्ट्रीय सीमा या सुरक्षित सैन्य ठिकाने पर नहीं पहुंच जाती तब तक यह अभियान जारी रहेगा. दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों ने अब तक इस घटना के संबंध में कोई नया आधिकारिक समझौता साझा नहीं किया है.

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