लखनऊ : निःशुल्क बोरिंग योजना उत्तर प्रदेश में किसानों को बोरिंग कराने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक योजना है। यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से संबंधित लघु और सीमांत किसानों के लिए डिज़ाइन की गई है। योजना के तहत, प्रत्येक बोरिंग के लिए 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो कि बोरिंग कराने के खर्च को कवर करने में मदद करता है। बोरिंग का का कार्य शासन द्वारा चयनित एजेन्सी के द्वारा किया जाता है। योजना में लाभ प्राप्त करने हेतु जनपद स्तर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) एवं विकास खण्ड स्तर पर सहायक/ग्राम विकास अधिकारी(स.क) से विस्तृत जानकारी प्राप्त किया जा सकता है। आवेदक द्वारा विकास खण्ड स्तर पर तथा जनपद स्तर पर आवेदन किया जा सकता है। इस स्कीम का नाम यूपी फ्री बोरिंग योजना है। इसके तहत जिन किसानों की न्यूनतम जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। हालांकि इस बोरिंग के लिए पंपसेट की व्यवस्था खुद किसान को करनी पड़ेगी।
उद्देश्य
किसानों को सिंचाई के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना।
अनुसूचित जाति और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से संबंधित किसानों को लाभ देना।
इस योजना के तहत, मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले लघु और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह योजना किसानों को अपने खेतों में बोरिंग कराने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे उन्हें सिंचाई के लिए पानी मिल सके और उनकी फसलें बेहतर हो सकें।
यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जो किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
आवेदन कैसे करें
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) एवं विकास खण्ड स्तर पर सहायक/ग्राम विकास अधिकारी (स.क) से विस्तृत जानकारी प्राप्त किया जा सकता है। या फ्री बोरिंग योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट के लिंक पर जाएं। यहां जाकर योजना वाले विकल्प पर क्लिक करें। फिर नीचे आवेदन पत्र के ऑप्शन पर क्लिक कर इसे डाउनलोड कर लें। इसके बाद यहां मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भर दें। फॉर्म भरने के बाद इसके साथ आवश्यक दस्तावेज अटैच कर दें। इसके बाद इसे जिले के लघु सिंचाई विभाग में जमा कर दें। ऐसे में आपका आवेदन पूरा हो जाएगा।
ये दस्तावेज हैं जरूरी
लाभार्थी का आधार कार्ड
आय प्रमाण पत्र
खेत के कागजात
जाति प्रमाण पत्र
बैंक अकाउंट डिटेल
आयु प्रमाण पत्र
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो
फ्री बोरिंग के क्या हैं लाभ
इस योजना के तहत लघु किसानों को 05 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। वहीं सीमांत किसानों को 07 हजार रुपये अनुदान के तौर पर मिलेंगे। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को 10 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी। हालांकि किसान को इसमें पंपसेट की व्यवस्था खुद करनी होगी।
लाभ उठाने के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ उठाने वाले लाभार्थी यूपी का स्थायी नागरिक हो।
राज्य के लघु और सीमांत वर्ग के ही किसान केवल इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना का लाभ सामान्य, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति तीनों को मिलेगा।
सामान्य वर्ग के किसान के पास 0.2 हेक्टेयर से अधिक का खेत होना चाहिए।
वहीं अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए जोत की सीमा नहीं है।