विन न्यूज़ नेटवर्क। महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शरद पवार ने अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी की बैठक में NCP (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि, उनकी पार्टी फिलहाल किसी दूसरे गुट के साथ जाने के बजाय संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देगी।
शरद पवार ने कहा कि, उनकी पार्टी एक धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाली पार्टी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई नेता या कार्यकर्ता उनके साथ आना चाहता है तो वह सिर्फ नजदीक आने के बजाय उनकी पार्टी में शामिल हो सकता है। पवार के मुताबिक, उनकी पार्टी किसी के साथ नहीं जाएगी और अपना संगठन मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब NCP के दोनों गुटों के एक साथ आने को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार चर्चा होती रही है। जनवरी 2026 में भी दोनों गुटों के बीच विलय को लेकर बातचीत की खबरें सामने आई थीं। उस समय शरद पवार ने कहा था कि अजित पवार और जयंत पाटिल के स्तर पर कई महीनों से बातचीत चल रही थी और प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी।
चुनाव में AI और रोबोट के इस्तेमाल पर भी चिंता
पार्टी की बैठक में शरद पवार ने आने वाले समय में चुनाव और तकनीक के रिश्ते को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भविष्य में रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
पवार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह भी देखने की जरूरत है कि AI और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में तकनीक के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है।
पहले भी विलय की चर्चाओं पर आया था बयान
NCP के दोनों गुटों के बीच सुलह और विलय को लेकर इससे पहले भी कई बार राजनीतिक चर्चाएं सामने आ चुकी हैं। जनवरी में शरद पवार ने बताया था कि दोनों पक्षों के बीच करीब चार महीने से बातचीत चल रही थी। हालांकि, अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को बारामती में विमान हादसे में मौत के बाद इस प्रक्रिया पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी।
इसके बाद भी दोनों गुटों के भविष्य और संभावित एकजुटता को लेकर अलग-अलग बयान सामने आते रहे हैं। अब शरद पवार के ताजा बयान से उनकी पार्टी की मौजूदा दिशा को लेकर तस्वीर कुछ हद तक स्पष्ट हुई है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने पर ध्यान देने का संदेश दिया है।