Island in Iran पर अमेरिकी हमला: ईरान की खुली चेतावनी, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर, तेल बाजार में हलचल

Vin News Network
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अमेरिकी सेना की बमबारी के बाद खर्ग द्वीप के सैन्य ठिकाने तबाह — ईरान ने दी जवाबी हमले की चेतावनी।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव अब एक नए और बेहद खतरनाक मोड़ पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के खर्ग द्वीप पर जबरदस्त बमबारी की है। इस हमले के बाद ईरान ने बेहद कड़ी भाषा में जवाब दिया है और साफ चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल या ऊर्जा ठिकानों पर हाथ डाला गया तो वह पूरे इलाके में तबाही मचा देगा।

ट्रंप ने खुद किया हमले का ऐलान
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि उनके आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक को अंजाम दिया। उन्होंने दावा किया कि खर्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। हालांकि ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने जानबूझकर द्वीप के तेल ढांचे को नष्ट न करने का फैसला किया। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने में रुकावट डाली तो वह इस फैसले पर तुरंत दोबारा विचार करेंगे।

क्या-क्या हुआ हमले में
ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक खर्ग द्वीप पर 15 से ज्यादा विस्फोट हुए। अमेरिकी हमले में सेना की रक्षा प्रणालियों, जोशेन नौसैनिक अड्डे, हवाई अड्डे के कंट्रोल टॉवर और हेलीकॉप्टर हैंगर को निशाना बनाया गया। ईरान की तरफ से दावा किया गया कि इस हमले में कोई भी तेल ढांचा क्षतिग्रस्त नहीं हुआ, सिर्फ सैन्य इमारतें तबाह हुई हैं।

क्यों इतना अहम है खर्ग द्वीप
खर्ग द्वीप की अहमियत इस बात से समझी जा सकती है कि ईरान का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल इसी द्वीप के रास्ते दूसरे देशों को भेजा जाता है। जेपी मॉर्गन की एक हालिया रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र है कि यह द्वीप ईरानी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। अगर यहां के तेल ठिकाने तबाह हो जाएं तो ईरान की तेल से होने वाली कमाई एक झटके में बंद हो सकती है। यही वजह है कि इस द्वीप पर हुआ हमला सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था पर सीधा वार है।

ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
हमले के बाद ईरान के खातम अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि अगर ईरान के किसी भी तेल, आर्थिक या ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ तो ईरान पलटवार करने में एक पल की भी देरी नहीं करेगा। प्रवक्ता ने साफ कहा कि जवाबी कार्रवाई में उन सभी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा जिनका संबंध अमेरिकी कंपनियों से है या जो किसी भी तरह से वाशिंगटन के हितों की सेवा करते हैं। इसके अलावा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने भी चेतावनी दी है कि ऊर्जा ढांचे पर जरा सा भी हमला हुआ तो वह पूरे क्षेत्र में तेल और गैस के ढांचों को आग के हवाले कर सकती है।

बड़े युद्ध का हिस्सा है यह हमला
यह हमला अचानक नहीं हुआ। ट्रंप ने 28 फरवरी को ही ईरान के खिलाफ बड़े युद्ध अभियान का ऐलान किया था। इस दौरान अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान में मारे जा चुके हैं। उनके बेटे मोजताबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुना गया है। इस संघर्ष के 14वें दिन खर्ग द्वीप पर यह हमला हुआ जो बताता है कि दोनों देशों के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा।

दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर
इस पूरे संघर्ष का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से दुनिया की तेल आपूर्ति पर जबरदस्त झटका लगा है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात को अपना तेल उत्पादन घटाना पड़ा है। अमेरिका में भी पेट्रोल की कीमतें काफी समय के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।

दोनों देश एक नाजुक मोड़ पर खड़े हैं। अमेरिका ने अभी तेल ढांचे को बचाए रखा है लेकिन उसे निशाना बनाने का विकल्प खुला रखा है। वहीं ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में तबाही की धमकी दी है। आने वाले दिनों में यह तनाव और बढ़ सकता है जिसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ सकती है।

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