लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत मतदाता सूचियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद बुधवार को वे लखनऊ में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक करेंगे।
जिलास्तर पर भी होंगी राजनीतिक दलों के साथ बैठकें
सीईओ ने निर्देश दिया है कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) बुधवार तक राजनीतिक दलों के साथ बैठक करें और उन्हें एसआईआर की प्रक्रिया से अवगत कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि दल अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करें, जो पुनरीक्षण कार्यों में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का सहयोग करेंगे।
मतदाता सूची में कोई अपात्र शामिल न हो सभी पात्र नागरिक जुड़ें
सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो और सभी पात्र नागरिकों के नाम समय से जोड़े जाएं। उन्होंने गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग, वितरण, मिलान और संग्रह को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदेय स्थल (बूथ) पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। इसके लिए स्थलीय निरीक्षण कर ड्राफ्ट प्रकाशन से पहले ही बूथ विभाजन की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
वर्ष 2003 की मतदाता सूची से होगा मिलान
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान तेज़ी से कराएं। इससे पुनरीक्षण कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि या बाधा से बचा जा सकेगा।
अग्रिम आवेदन भी किए जाएंगे स्वीकार
सीईओ रिणवा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि को ध्यान में रखकर पूरी की जाएगी।
इसके साथ ही 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्तूबर 2026 के लिए अग्रिम आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।
उन्होंने वृद्ध, बीमार, दिव्यांग और निर्धन मतदाताओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती के निर्देश भी दिए।
ऑनलाइन भी भर सकेंगे गणना प्रपत्र
रिणवा ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी युवाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल होना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बीएलओ को गणना प्रपत्र, घोषणा पत्र और फॉर्म-6 उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शहरी और अस्थायी प्रवासी मतदाता अपने गणना प्रपत्र ऑनलाइन माध्यम से भी भर सकेंगे।
साथ ही बीएलओ, ईआरओ और एईआरओ को पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
हर दिन होगी एसआईआर की निगरानी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर की रोजाना प्रगति की निगरानी की जाएगी।
सभी कार्य तय समय में पूरे कर रिपोर्ट सीईओ कार्यालय को भेजनी होगी।
महत्वपूर्ण तिथियां:
3 नवंबर 2025 तक: तैयारी, प्रशिक्षण और गणना प्रपत्रों का मुद्रण
4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक: बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और संग्रह करेंगे
9 दिसंबर 2025: मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशन
9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026: सुनवाई, सत्यापन और निस्तारण
7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
नतीजा
उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने इस बार एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी, त्रुटिरहित और समयबद्ध बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। 2003 की मतदाता सूची से मिलान और डिजिटल प्रक्रियाओं के उपयोग से आयोग मतदाता सूची को और अधिक सटीक एवं समावेशी बनाने की दिशा में काम कर रहा है।