विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव और मिशन-2029 की तैयारियों को गति देने में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी प्रदेश कार्यसमिति का गठन कर दिया है। संगठन में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को स्थान देने और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के उद्देश्य से घोषित इस कार्यसमिति में कुल 712 लोगों को शामिल किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख नेताओं को जगह मिली है।
30 स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाए गए
घोषित सूची के अनुसार, प्रदेश कार्यसमिति में 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक प्रमुख हैं। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को भी स्थान दिया गया है। इस सूची में केंद्रीय स्तर के नेताओं के साथ संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे वरिष्ठ चेहरों को शामिल कर पार्टी ने अनुभव और संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया है।
स्मृति ईरानी समेत राष्ट्रीय पदाधिकारियों को जिम्मेदारी
स्थायी आमंत्रित सदस्यों में भाजपा की राष्ट्रीय पदाधिकारी स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, रेखा वर्मा, संगीता यादव, भोला सिंह, तारिक मंसूर, अमरपाल मौर्य और कुंवर बासित अली के नाम शामिल हैं। वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, विनय कटियार, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही, डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, स्वतंत्र देव सिंह और भूपेंद्र चौधरी को भी स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
548 कार्यसमिति सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य
प्रदेश कार्यसमिति में 548 सदस्यों को शामिल किया गया है, जबकि 134 लोगों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इस तरह तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल संख्या 712 पहुंच गई है। विशेष आमंत्रित सदस्यों के चयन में भी क्षेत्रीय भागीदारी और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्थायी आमंत्रित सदस्यों में अवध क्षेत्र के सात नेताओं को स्थान मिला है, जबकि विशेष आमंत्रित सदस्यों में ब्रज क्षेत्र की भागीदारी अधिक रही है।
चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की रणनीति
भाजपा की इस प्रदेश कार्यसमिति को आगामी चुनावों से पहले संगठनात्मक विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर पार्टी प्रदेश स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, कार्यसमिति में शामिल सभी सदस्यों की भूमिका और क्षेत्रवार जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत जानकारी संबंधित आधिकारिक सूची से ही स्पष्ट होगी।