मध्य पूर्व संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सनसनीखेज बयान दिया है। फ्लोरिडा में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत सफल रही तो होर्मुज स्ट्रेट जल्द ही पूरी तरह खुल जाएगा। हास्य भरे अंदाज में ट्रंप ने कहा, “शायद मैं और नया अयातुल्लाह मिलकर इसका नियंत्रण करेंगे।”
बाजारों में उछाल, तेल के दामों में गिरावट
ट्रंप के बयान ने वैश्विक बाजारों को झकझोर दिया। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें तेजी से लुढ़क गईं, शेयर बाजार ऊपर चढ़े, डॉलर में कमजोरी आई और बॉन्ड यील्ड घट गए। ट्रंप ने खुलासा किया कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर अमेरिका ने पांच दिनों के लिए हमले रोक दिए हैं ताकि कूटनीति को मौका मिले।
ईरान ने सिरे से किया खंडन
ईरान की आधिकारिक फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने ट्रंप के दावे को झूठा बताते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष बातचीत नहीं हुई। यह बयान ऐसे समय आया जब मंगलवार को भी ड्रोन-मिसाइल हमले जारी थे। 18 मार्च को इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया था, जिसका जवाब ईरान ने कतर के रास लफ्फान LNG संयंत्र पर हमले से दिया।
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान ने पूर्व में स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका उनके बिजलीघरों पर हमला करेगा तो बदले में खाड़ी क्षेत्र के सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को बिजली देने वाले प्लांट्स को निशाना बनाया जाएगा। खामेनेई की हत्या के बाद ईरान में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
यह संकटपूर्ण जलमार्ग विश्व के 20% कच्चे तेल और LNG का मुख्य रास्ता है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने इसे लगभग बंद कर दिया। सामान्यतः 135 जहाज रोजाना गुजरते थे, अब मुश्किल से 10। भारत सहित एशियाई देश बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
ट्रंप की कूटनीतिक चाल या दबाव रणनीति?
पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अब सुर बदले नजर आ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि तेल बाजार को स्थिर करने और लंबे युद्ध से बचने के लिए यह बयान दिया गया। स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के माध्यम से चल रही कथित बातचीत में 15 मुद्दों पर सहमति बनने की बात कही जा रही है।
भारत पर प्रभाव
होर्मुज बंदी से भारत का 50% तेल आयात ठप हो गया। रिफाइनरियों में 10-15 दिनों का स्टॉक बाकी है। रूस से आपात खरीद पर विचार चल रहा है। यदि जलसंधि पूरी तरह खुली तो तेल दाम 10-15 डॉलर प्रति बैरल गिर सकते हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा।
भविष्य की संभावनाएं
ट्रंप का यह बयान कूटनीतिक सफलता का संकेत हो सकता है या महज दबाव बनाने की चाल। ईरान ने जहाजों को जलाने की धमकी दी है, लेकिन कुछ देशों के टैंकर निकाले जा चुके हैं। मध्य पूर्व शांति की उम्मीद जगी है, लेकिन स्थिति नाजुक बनी हुई है।