ईरान युद्ध में ट्रंप का सहयोगियों पर फूटा गुस्सा, ब्रिटेन और फ्रांस को दी ‘अकेले छोड़ने’ की धमकी

Vin News Network
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"खुद लड़ना सीखो": ईरान युद्ध में मदद न मिलने पर ट्रंप ने ब्रिटेन-फ्रांस को सुनाई खरी-खोटी

मिडल ईस्ट में जारी संघर्ष ने अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी भूचाल ला दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों को आड़े हाथों लिया है जिन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में सीधे तौर पर शामिल होने से इनकार कर दिया है। ट्रंप का सबसे ज्यादा गुस्सा ब्रिटेन और फ्रांस पर निकला है।

ब्रिटेन से क्यों नाराज हैं ट्रंप?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुरुआत में अमेरिकी बॉम्बर्स (जैसे B-2 स्टील्थ) को अपने एयरबेस (जैसे डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड) का इस्तेमाल करने से मना कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने केवल ‘रक्षात्मक’ कार्रवाई के लिए अनुमति दी, लेकिन तब तक ट्रंप के साथ उनके रिश्तों में खटास आ गई थी।

ट्रंप का बयान: ट्रंप ने स्टार्मर की तुलना विंस्टन चर्चिल से करते हुए कहा, “यह कोई चर्चिल नहीं हैं।” उन्होंने सोशल मीडिया (Truth Social) पर लिखा कि ब्रिटेन जैसे देशों को अब अपनी लड़ाई खुद लड़ना सीखना होगा क्योंकि “USA अब उनकी मदद के लिए वहाँ नहीं रहेगा।”

फ्रांस और अन्य सहयोगियों को चेतावनी
फ्रांस ने भी अपने एयरस्पेस और सैन्य संसाधनों के इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे अमेरिकी मिशन को अतिरिक्त समय और ईंधन खर्च करना पड़ रहा है।

‘धोखा’ नहीं भूलेगा अमेरिका: ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो देश आज अमेरिका के साथ नहीं खड़े हैं, उन्हें भविष्य में अमेरिकी सैन्य सुरक्षा (NATO) या आर्थिक मदद की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “जब हमें आपकी जरूरत थी, आप नहीं थे।”

ट्रंप की भड़ास के 3 मुख्य बिंदु
तेल संकट और होर्मुज की खाड़ी: ट्रंप ने कहा कि अगर इन देशों को ईंधन चाहिए, तो वे खुद होर्मुज की खाड़ी में जाकर अपना रास्ता साफ करें। अमेरिका अब दूसरों के लिए अपनी सेना का खून नहीं बहाएगा।

सैन्य मदद पर रोक: ट्रंप ने संकेत दिया है कि भविष्य में किसी भी संकट के समय वे इन ‘मतलबी’ सहयोगियों की रक्षा के लिए अपनी सेना नहीं भेजेंगे।

‘खुद लड़ना सीखो’: राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य कमर तोड़ दी है, अब सहयोगी देश अपना रास्ता खुद बनाएं।

नाटो (NATO) का भविष्य खतरे में?
ट्रंप के इन कड़े तेवरों ने नाटो गठबंधन के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह ‘बदले वाला रुख’ (Vengeful attitude) आने वाले समय में वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

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