भारतीय सेना ने गुरुवार को आर्मी डे के अवसर पर एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के तहत सीमा पार आतंकवादी ठिकानों और पाकिस्तानी हवाई ठिकानों तथा उनके राडार सिस्टम पर की गई सटीक हमलों को दर्शाया गया। इस वीडियो में भारतीय सेना की ताकत, तैयारियों और आतंकवाद के खिलाफ उसके निर्णायक कदमों को प्रमुखता से दिखाया गया है।
वीडियो लगभग तीन मिनट का है और इसकी शुरुआत देश में हुए बड़े आतंकवादी हमलों की सूची से होती है। इसमें संसद पर 2001 का हमला, अक्षरधाम मंदिर पर 2002 का हमला, मुंबई 2008, उरी 2016, पुलवामा 2019 और हाल ही में 2025 में पहलगाम की घटनाओं का जिक्र किया गया है। सेना ने इन घटनाओं को “मानवता पर हमले” करार देते हुए बताया कि देश की सुरक्षा और जनता की रक्षा के लिए हर कदम समय रहते उठाना अनिवार्य था।
वीडियो में दिखाया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक हवाई और ज़मिनी हमले किए, जिससे उनका विनाश सुनिश्चित हुआ। इसके अलावा, पाकिस्तानी एयरबेस और उनके राडार सिस्टम पर भी निशाने पर हमला किया गया, ताकि सीमा पार से आने वाले किसी भी खतरे को रोका जा सके। वीडियो में सेना की ताकत, उसकी योजना और रणनीति का सटीक परिचय मिलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा के लिए तत्पर है।
सेना ने वीडियो के माध्यम से यह भी दर्शाया कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी कार्रवाई केवल सैन्य दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा का भी एक व्यापक पहलू है। वीडियो में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हवाई हमलों की विस्तृत योजना, उनके परिणाम और सीमा सुरक्षा बलों के समन्वय को भी दिखाया गया है।
इस अवसर पर सेना प्रमुख ने कहा कि आर्मी डे केवल भारतीय सेना के बलिदान और वीरता का उत्सव नहीं है, बल्कि यह देशवासियों को यह भी याद दिलाने का मौका है कि सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियान यह संदेश देते हैं कि आतंकवादियों को किसी भी हाल में भारत की भूमि पर अपनी गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं दी जाएगी।
वीडियो ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से ध्यान आकर्षित किया। देशवासियों ने इसे सेना की पेशेवर क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदमों का उदाहरण बताते हुए सराहा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के वीडियो न केवल सैनिकों के मनोबल को बढ़ाते हैं बल्कि आम जनता को भी यह भरोसा देते हैं कि उनके देश की सुरक्षा सक्षम हाथों में है।
भारतीय सेना ने इस वीडियो में यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाईयां केवल एक प्रतिशोधी कदम नहीं हैं, बल्कि आतंकवाद के संरचनात्मक नेटवर्क को कमजोर करने और भविष्य में किसी भी हमले की संभावना को रोकने के उद्देश्य से की गई थीं। इसके माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि भारत की सेना सीमा सुरक्षा में सतर्क रहने के साथ-साथ आतंकवाद के हर पहलू को भांपने और समय पर निपटने में सक्षम है।
इस तरह का वीडियो न केवल आर्मी डे के महत्व को बढ़ाता है, बल्कि यह देशवासियों को यह याद दिलाता है कि भारत की सुरक्षा, शांति और अखंडता के लिए भारतीय सेना हर समय तैयार है। वीडियो में दिखाई गई कार्रवाई, सटीकता और सैन्य रणनीति भारतीय सेना की ताकत और कर्तव्यनिष्ठा का स्पष्ट प्रमाण है।
इस अवसर पर सेना ने देशवासियों से अपील की कि वे सेना के प्रति गर्व महसूस करें और आतंकवाद के खिलाफ उसके प्रयासों में सहयोग करें। आर्मी डे का यह वीडियो यह सुनिश्चित करता है कि हर नागरिक को यह विश्वास हो कि देश की सीमा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारतीय सेना इसे हर हाल में बनाए रखने के लिए समर्पित है।