भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मिली सरकारी मंजूरी, जयशंकर बोले– आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

Priyanshu Kumari
Priyanshu Kumari
3 Min Read
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर मंत्रियों की प्रतिक्रिया

भारत और अमेरिका के बीच हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद द्विपक्षीय व्यापार को लेकर की गई घोषणाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आर्थिक विकास को गति मिलेगी और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।

जयशंकर ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी साझेदारी को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग की संभावनाएं बहुत व्यापक हैं और दोनों देशों को इन अवसरों को हासिल करने का पूरा भरोसा है। उनके अनुसार, मजबूत आर्थिक रिश्ता दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की सबसे ठोस नींव है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस समझौते को दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया। गोयल ने कहा कि यह समझौता समान सोच रखने वाले दो लोकतांत्रिक देशों के बीच निष्पक्ष व्यापार और साझा समृद्धि को दर्शाता है।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक सहयोगी हैं और उनकी साझेदारी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिज़ाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ के नए अवसर खोलेगा। इसके साथ ही भारत को अमेरिका से आधुनिक तकनीक हासिल करने में मदद मिलेगी।

रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस व्यापार समझौते को दोनों देशों के भविष्य के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और दोनों देशों की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं। उनके अनुसार, दोनों देश मिलकर ऐसी तकनीक और समाधान विकसित कर सकते हैं, जिनका वैश्विक स्तर पर लाभ होगा।

सरकारी बयानों के अनुसार, यह व्यापार समझौता केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भारत-अमेरिका संबंधों को नया आयाम मिलने की उम्मीद है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *