प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के काजीरंगा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि असम आना उन्हें हमेशा विशेष खुशी देता है। उन्होंने कहा कि काजीरंगा केवल एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं, बल्कि असम की आत्मा और भारत की जैव-विविधता का अनमोल धरोहर है। प्रधानमंत्री ने अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए बताया कि काजीरंगा में रात्रि विश्राम और एलिफेंट सफारी के दौरान उन्होंने प्रकृति की सुंदरता को बेहद करीब से महसूस किया था।
प्रधानमंत्री ने असम की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए हाल ही में आयोजित बागुरुम्बा दहोउ कार्यक्रम का उल्लेख किया, जिसमें हजारों कलाकारों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान बनाया। उन्होंने कहा कि असम के कलाकारों ने देश और दुनिया को अपनी कला और परंपरा की शक्ति दिखाई है और सोशल मीडिया के माध्यम से यह संस्कृति वैश्विक स्तर पर पहचान बना रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र पर काम कर रही है। गुवाहाटी एयरपोर्ट के विस्तार, नामरूप में अमोनिया-यूरिया संयंत्र और काजीरंगा से जुड़ी नई परियोजनाएं इसी सोच का उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि काजीरंगा और ऊपरी असम की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगभग 7,000 करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड वन्यजीव कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिससे सड़क यातायात भी सुचारु रहेगा और वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही भी सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से असम और अरुणाचल प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटन, रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित होती है, तभी अवसर भी पैदा होते हैं। बीते वर्षों में काजीरंगा में पर्यटन बढ़ा है, जिससे स्थानीय युवाओं को होमस्टे, गाइड सेवा और छोटे व्यवसायों के जरिए रोजगार मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राइनो संरक्षण का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय काजीरंगा में अवैध शिकार बड़ी समस्या थी, लेकिन भाजपा सरकार की सख्त नीति और स्थानीय लोगों की भागीदारी से अब स्थिति बदली है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि वर्ष 2025 में एक भी राइनो शिकार की घटना सामने नहीं आई, जो सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और जनसहयोग का परिणाम है।
राजनीतिक संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में हाल के चुनाव नतीजे यह दिखाते हैं कि जनता सुशासन और विकास को प्राथमिकता दे रही है। बिहार, महाराष्ट्र और केरल के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार लोगों की पहली पसंद बन रही है, जबकि कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को जनता नकार रही है।
प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट के विकास पर जोर देते हुए कहा कि लंबे समय तक यह क्षेत्र दूरी और उपेक्षा की भावना से जूझता रहा, लेकिन अब डबल इंजन सरकार ने सड़क, रेल, हवाई और जलमार्गों के जरिए असम को देश से मजबूती से जोड़ा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान जहां असम को रेलवे के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये मिलते थे, वहीं भाजपा सरकार में यह बढ़कर करीब 10,000 करोड़ रुपये सालाना हो गया है।
उन्होंने असम की पहचान और संस्कृति की रक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अवैध घुसपैठ न केवल असम की सांस्कृतिक विरासत बल्कि सुरक्षा और संसाधनों के लिए भी बड़ा खतरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार अवैध कब्जों को हटाकर असम की जमीन, जंगल और विरासत की रक्षा कर रही है, जबकि कांग्रेस ने लंबे समय तक वोट बैंक की राजनीति के लिए इस समस्या को नजरअंदाज किया।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि असम का विकास पूरे नॉर्थ ईस्ट के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि असम और नॉर्थ ईस्ट मिलकर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और सभी को “विकसित भारत” के संकल्प में भागीदार बनाएंगे।