दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए की गई देर रात की तोड़फोड़ कार्रवाई बुधवार तड़के तनाव में बदल गई। कार्रवाई के दौरान भीड़ द्वारा पथराव और नारेबाजी की गई, जिसके बाद हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस के कम से कम पांच जवानों को मामूली चोटें आई हैं।
प्रशासन द्वारा यह अतिक्रमण हटाओ अभियान अदालत के आदेशों के तहत चलाया गया था। तुर्कमान गेट के रामलीला ग्राउंड के पास स्थित मस्जिद के चारों ओर बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए करीब 17 बुलडोजर लगाए गए। कार्रवाई देर रात इसलिए की गई ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो और दिन के समय यातायात या जनजीवन प्रभावित न हो।
हालांकि जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई, बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के बाहर जमा हो गए। भीड़ के कुछ हिस्सों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को भांपते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके की सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी और लोगों की आवाजाही रोक दी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने तुर्कमान गेट के पास लगाए गए बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिससे तनाव और बढ़ गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, हालात तब बिगड़े जब भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और गैस बुलेट दागे गए। इन गोले फटने से इलाके में तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के लोग सहम गए।
इस पूरी घटना में पुलिस के पांच जवानों को मामूली चोटें आईं। मौके पर मौजूद रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीमों को तुर्कमान गेट की तंग गलियों में तैनात किया गया, जहां से पथराव किया जा रहा था। सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों ओर से घेरकर हालात पर धीरे-धीरे नियंत्रण हासिल किया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर डीसीपी निधिन वाल्सन ने बताया कि करीब 25 से 30 लोग सीधे तौर पर पथराव में शामिल थे। उन्होंने कहा, “पुलिस टीमों पर पत्थर फेंके गए, जिसमें हमारे पांच जवानों को चोटें आईं। स्थिति को संभालने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। मौके पर बने एक बैंक्वेट हॉल और एक डिस्पेंसरी को गिराया गया है। पूरी कार्रवाई रात में इस सोच के साथ की गई कि आम जनता को कम से कम परेशानी हो। हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब तक पांच लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की फुटेज और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से न्यायालय के आदेशों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो फुटेज के आधार पर सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वर्मा ने यह भी दावा किया कि पथराव और हंगामे में शामिल अधिकतर लोग स्थानीय नहीं थे, बल्कि बाहर से आए थे।
स्थिति पर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया। ड्रोन के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी के बीच अंततः तोड़फोड़ अभियान पूरा कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल तुर्कमान गेट और आसपास के इलाके में शांति है। सुरक्षा व्यवस्था को कुछ समय तक और सख्त रखा जाएगा ताकि दोबारा किसी तरह का तनाव न पैदा हो। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में भी अदालत के आदेशों के तहत अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।