‘2 रुपये का भिखारी’ बयान से मचा बवाल: ओवैसी बनाम हिमंता बिस्व सरमा की सियासी जंग

Vin News Network
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ओवैसी के बयान से असम की राजनीति में हलचल

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का विवादित बयान एक बार फिर देश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। निजामाबाद में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ओवैसी ने हिमंता सरमा पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “2 रुपये का भिखारी” कह दिया।

यह बयान उस समय सामने आया जब ओवैसी ने मंच से जनता से दो रुपये का सिक्का मांगा और उसे हवा में लहराते हुए असम के मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर पलटवार किया। ओवैसी का यह बयान सीधे तौर पर हिमंता सरमा के उस पुराने बयान की प्रतिक्रिया माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने असम के ‘मिया मुसलमानों’ पर आर्थिक गतिविधियों को लेकर टिप्पणी की थी।

ओवैसी ने कहा कि एक मुख्यमंत्री का गरीब ऑटो चालक या दुकानदार की कमाई पर सवाल उठाना उसकी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों की रोजमर्रा की कमाई को सांप्रदायिक नजरिए से देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

ओवैसी ने अपने भाषण में कहा कि हिमंता सरमा ने यह कहकर समाज में जहर घोलने की कोशिश की कि मुस्लिम समुदाय के लोग जानबूझकर किराया और कीमतें कम रखते हैं। उन्होंने इसे “गरीब विरोधी और नफरत फैलाने वाली राजनीति” करार दिया।

इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। समर्थकों ने ओवैसी के बयान का बचाव किया, जबकि विरोधियों ने इसे असंसदीय और अमर्यादित भाषा बताया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी कौम के खिलाफ किसी भी तरह के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका कहना था कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी समुदाय को निशाना बनाना लोकतंत्र के खिलाफ है।

यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि चुनावी माहौल में तीखी बयानबाजी किस तरह राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान समाज में ध्रुवीकरण को और बढ़ा सकते हैं।

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