आतंकी तहव्वुर राणा 26/11 हमले के वक्त मुंबई में था : NIA की पूछताछ में कबूला- वह PAK आर्मी एजेंट

64 साल का तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। राणा पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के तौर पर काम करता था।

Vin News Network
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आतंकी तहव्वुर राणा 26/11 हमले के वक्त मुंबई में था : NIA की पूछताछ में कबूला- वह PAK आर्मी एजेंट

नई दिल्ली : 26/11 आतंकी हमले के वक्त आतंकी तहव्वुर राणा मुंबई में था। यह बात उसने NIA की पूछताछ कबूल की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राणा ने माना है कि वह पाकिस्तानी सेना का एजेंट है।

उसने बताया कि उसने डेविड कोलमैन हेडली के साथ पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कई ट्रेनिंग सेशन किए थे। राणा ने यह भी कहा कि लश्कर असल में एक जासूसी नेटवर्क की तरह काम करता है।

पूछताछ में शामिल मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच अब राणा को गिरफ्तार करके रिमांड पर लेने की तैयारी में है। अभी राणा NIA की न्यायिक हिरासत में है, जिसे दिल्ली की अदालत ने 9 जुलाई तक बढ़ा दिया है।

तहव्वुर को अमेरिका के शिकागो में अक्टूबर 2009 में अमेरिकी एजेंसी FBI ने गिरफ्तार किया था। राणा को 10 अप्रैल को स्पेशल विमान से अमेरिका से भारत लाया गया था।

राणा ने पूछताछ में बताया कि मुंबई में उसने अपनी कंपनी का इमिग्रेशन सेंटर खुद के प्लान से खोला, ताकि हमले की तैयारी के लिए जगह और सुविधाएं मिल सकें। वहां किए गए लेन-देन को बिजनेस खर्चों में दिखाया गया। उसने यह भी स्वीकार किया कि छत्रपति शिवाजी टर्मिनस जैसे स्थानों का खुद जाकर रेकी की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, राणा ने कहा कि 26/11 का हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ मिलकर किया गया था। उसने यह भी बताया कि उसे खाड़ी युद्ध के समय PAK सेना ने सऊदी अरब भेजा था।

64 साल का तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। राणा पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के तौर पर काम करता था। इसके बाद वह 1997 में कनाडा चला गया और वहां इमिग्रेशन सर्विसेस देने वाले बिजनेसमैन के तौर पर काम शुरू किया।

कनाडा से वह अमेरिका पहुंचा और शिकागो सहित कई लोकेशंस पर फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज नाम से कंसल्टेंसी फर्म खोली। अमेरिकी कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, राणा कई बार कनाडा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड भी गया था। वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकता है।

डेविड हेडली मुंबई हमले का मास्टरमाइंड था। तहव्वुर उसका दोस्त था, जिसने इस हमले को अंजाम देने में उसकी मदद की थी। राणा को पता था कि हेडली लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर काम कर रहा है। हेडली की मदद करके और उसे आर्थिक मदद पहुंचाकर राणा आतंकी संस्था और उसके साथ आतंकियों को भी सपोर्ट कर रहा था।

राणा को जानकारी थी कि हेडली किससे मिल रहा है, क्या बात कर रहा है। उसे हमले की प्लानिंग और कुछ टारगेट्स के नाम भी पता थे। तहव्वुर राणा को 2009 में FBI ने गिरफ्तार किया था। राणा को अमेरिका में लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन करने के लिए दोषी ठहराया गया था। अब तक वह लॉस एंजिलिस के एक डिटेंशन सेंटर में बंद था।

26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने हमले किए। ये हमले चार दिनों तक चले। इन हमलों में कुल 175 लोग मारे गए, जिनमें 9 हमलावर भी शामिल थे और 300 से अधिक लोग घायल हुए।

मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा की याचिका पर 8 जून को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। राणा को अपने परिवार से बात करने की परमिशन मिल गई है। मामले की सुनवाई स्पेशल NIA जज चंद्र जीत सिंह ने की।

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