संजिव खिरवार अब फिर से दिल्ली प्रशासनिक गलियारों में सक्रिय हो गए हैं। 2022 में दिल्ली के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के पद पर रहते हुए एक विवाद के चलते उन्हें तब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्थानांतरित किया था। तीन साल के अंतराल के बाद उन्हें अब नगर निगम कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) का कमिश्नर नियुक्त किया गया है, जो राष्ट्रीय राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण नगरीय प्रशासनिक पदों में से एक माना जाता है।
2022 का कुत्ता विवाद
संजिव खिरवार का नाम 2022 में बड़े विवाद में आया था। उस समय वे दिल्ली के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (रेवेन्यू) के पद पर थे। आरोप यह लगाया गया कि उन्होंने थ्यागराज स्टेडियम में सरकारी खिलाड़ियों को उनके अभ्यास को जल्दी खत्म करने के लिए कहा, ताकि वे वहां अपने कुत्ते को टहलाने के लिए समय निकाल सकें।
एक कोच ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया था, “पहले हम 8 से 8.30 बजे तक लाइटों के तहत अभ्यास करते थे। अब हमें 7 बजे मैदान छोड़ने के लिए कहा जा रहा है ताकि अधिकारी अपने कुत्ते को टहलाने आ सकें। हमारा अभ्यास और प्रशिक्षण बाधित हुआ है।”
इस मामले ने सार्वजनिक गुस्से को जन्म दिया और अधिकारियों द्वारा सत्ता का दुरुपयोग और विशेषाधिकारों का सवाल उठाया गया। हालांकि, खिरवार ने इन आरोपों का खंडन किया और स्टेडियम अधिकारियों ने भी बाद में स्पष्ट किया कि मैदान का आधिकारिक बंद होने का समय 7 बजे था और खिलाड़ियों को जल्दी निकलने के लिए बाध्य नहीं किया गया था।
तबादले और विवाद के प्रभाव
इस विवाद के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खिरवार को लद्दाख में स्थानांतरित कर दिया। उनके साथ-साथ उनकी पत्नी रिंकू डुग्गा, जो 1994 बैच की IAS अधिकारी हैं, को अरुणाचल प्रदेश में स्थानांतरित किया गया। बाद में रिंकू डुग्गा को केंद्रीय सरकार ने नागरिक सेवा नियमों के तहत “सार्वजनिक हित” के कारण अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किया।
MCD में नई भूमिका
अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खिरवार को दिल्ली में महत्वपूर्ण पद सौंपा है। MCD कमिश्नर के रूप में उनका काम शहर के नागरिक प्रशासन की निगरानी करना होगा। इसमें सफाई, सड़क निर्माण, बुनियादी ढांचा, जलापूर्ति, नगरपालिका कर और वित्तीय प्रशासन जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं। MCD को वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में खिरवार की नियुक्ति अहम मानी जा रही है।
करियर और पृष्ठभूमि
संजिव खिरवार 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं और उनका कैडर अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और संघ राज्य क्षेत्र (AGMUT) है। AGMUT कैडर के अधिकारी विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों और कुछ राज्यों में प्रशासनिक सेवाएं देते हैं।
- खिरवार ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद संभाले हैं। प्रमुख भूमिकाओं में शामिल हैं:
- प्रिंसिपल सेक्रेटरी (रेवेन्यू), दिल्ली सरकार: राजस्व प्रशासन और जिला मजिस्ट्रेटों के कामकाज की निगरानी।
- सेक्रेटरी, पर्यावरण विभाग, दिल्ली: पर्यावरणीय योजना और कार्यक्रमों की जिम्मेदारी।
- ट्रेड और टैक्स कमिश्नर, दिल्ली: वाणिज्य और कर प्रशासन।
- सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), चंडीगढ़: अपने करियर की शुरुआत।
- उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में B.Tech और इकनॉमिक्स में मास्टर्स डिग्री हासिल की है।
विवाद और प्रशासनिक छवि
खिरवार का नाम सबसे अधिक चर्चा में तब आया जब उनकी निजी गतिविधियों के कारण सार्वजनिक कार्य प्रभावित होने के आरोप लगे। यह मामला भारत में प्रशासनिक अधिकारियों के विशेषाधिकार और सत्ता का दुरुपयोग पर बहस का विषय बना। आलोचकों ने इसे “अधिकारियों की व्यस्तताओं और आम नागरिकों की प्राथमिकताओं में टकराव” का उदाहरण बताया।
हालांकि खिरवार ने बार-बार कहा कि उनके कुत्ते को टहलाने का समय खिलाड़ियों के अभ्यास को प्रभावित नहीं करता। स्टेडियम अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि अभ्यास का आधिकारिक समय 7 बजे खत्म होता है। इस विवाद के बावजूद, उनके करियर में प्रशासनिक दक्षता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक बार फिर दिल्ली में महत्वपूर्ण पद पर लाया गया।
MCD में उनकी जिम्मेदारियां
MCD कमिश्नर के रूप में खिरवार को कई चुनौतीपूर्ण काम करने होंगे। दिल्ली की नगर निगम की सेवाओं में सुधार, वित्तीय प्रबंधन, नगर निगम की संपत्ति और संसाधनों का उपयोग, सड़क और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं की निगरानी, और सार्वजनिक शिकायतों का समाधान उनकी जिम्मेदारी होगी।
दिल्ली में नगर निगम वित्तीय और प्रशासनिक संकट का सामना कर रही है, ऐसे में अनुभवी और वरिष्ठ IAS अधिकारी की भूमिका अहम होगी। खिरवार की नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि MCD की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि खिरवार का लंबा प्रशासनिक अनुभव, विभिन्न विभागों में काम करने की क्षमता और AGMUT कैडर में कार्य अनुभव उन्हें MCD जैसी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी के लिए सक्षम बनाता है। उनका अनुभव राजस्व प्रशासन, पर्यावरणीय योजना और कर प्रशासन में उन्हें शहर के व्यापक प्रशासनिक ढांचे को समझने में मदद करेगा।
संजिव खिरवार का यह करियर यह दिखाता है कि विवाद और आलोचना के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों को उनके अनुभव और दक्षता के आधार पर महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जा सकता है। तीन साल पहले हुए कुत्ता विवाद ने उनकी छवि पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब MCD कमिश्नर के रूप में उनकी वापसी यह संदेश देती है कि प्रशासनिक क्षमता और लंबा अनुभव अधिकारियों के करियर में अहम भूमिका निभाते हैं।
उनकी नियुक्ति दिल्ली की नगर निगम सेवाओं और शहर के नागरिक प्रशासन में एक नया अध्याय साबित हो सकती है। शहरवासियों की उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में MCD बेहतर और तेज सेवाएं प्रदान करेगा।