बिहार में गृह मंत्री बनने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में अपनी सक्रिय भूमिका का परिचय दिया। बेगूसराय जिले में हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी शिवदत्त राय घायल हुआ। यह एनकाउंटर सम्राट चौधरी के “योगी मॉडल” आधारित अभियान का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई करने और राज्य में सुरक्षा का संदेश देने पर जोर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से पुलिस और एसटीएफ शिवदत्त राय पर नजर रखे हुए थे, क्योंकि वह कई गंभीर मामलों में शामिल रहा है और लंबे समय से फरार चल रहा था। गृह मंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान तेज़ गति से चलाया जाए। इसी दिशा में बेगूसराय जिले को चुना गया, जहां पुलिस को शिवदत्त राय के ठिकाने की सटीक जानकारी मिली थी। मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके को घेरकर शिवदत्त राय और उसके साथियों पर कार्रवाई की। आरोप है कि अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। कुछ समय तक दोनों तरफ से गोलियों की तड़तड़ाहट जारी रही। इस दौरान शिवदत्त राय घायल हुआ और बाद में उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिवदत्त राय पर दर्ज मामलों की संख्या काफी अधिक है, जिनमें हत्या, लूट, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। उनका गिरोह कई जिलों में सक्रिय था और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गया था। अधिकारियों ने कहा कि इस मुठभेड़ से न केवल अपराधी का नेटवर्क कमजोर हुआ है, बल्कि यह अन्य अपराधियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि अब अपराध की कोई जगह नहीं है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने एनकाउंटर की सफलता पर पुलिस अधिकारियों की सराहना की और कहा कि यह अभियान राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की उनकी प्राथमिकता का हिस्सा है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि भविष्य में अपराध पर तेज़ कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि सम्राट चौधरी के इस कदम में “योगी मॉडल” की झलक देखने को मिलती है, जिसमें अपराधियों पर सख्ती और जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाता है। इसके तहत न केवल सक्रिय अपराधियों को निशाना बनाया जाता है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए संगठित किया जाता है। बेगूसराय एनकाउंटर के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संभावित अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिवदत्त राय के गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी सक्रिय हैं और उनकी तलाश जारी है। आने वाले समय में इस तरह के और अभियान चलाए जाएंगे, ताकि राज्य में अपराधियों के खिलाफ निरंतर दबाव बना रहे।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस और गृह मंत्री के इस कदम की प्रशंसा की और कहा कि इससे राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। कई लोगों ने बताया कि यह मुठभेड़ अन्य अपराधियों के लिए चेतावनी है और भविष्य में अपराध नियंत्रण के लिए एक संदेश देती है। सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद यह पहला एनकाउंटर उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण का परिचायक है। उनके निर्देशों में तेज़ कार्रवाई, अपराधियों पर सख्ती और जनता की सुरक्षा सर्वोपरि रखने की स्पष्ट नीति देखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए कई और अभियान चलाए जाएंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस प्रकार, बेगूसराय में संपन्न मुठभेड़ न केवल कुख्यात अपराधी शिवदत्त राय के खिलाफ कार्रवाई का परिणाम है, बल्कि यह सम्राट चौधरी के गृह मंत्रालय में कानून-व्यवस्था पर फोकस और उनकी सख्ती की नीति का भी प्रतीक बन गया है। यह कदम राज्य में अपराधियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि अब कोई भी अपराधी कानून से बाहर नहीं रह सकता।