सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमले से हड़कंप, 24 घंटे में 225 उड़ानें रद्द, हूती विद्रोहियों पर शक

Vin News Network
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रियाद एयरपोर्ट पर हमले से मचा हड़कंप, उड़ानें ठप होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ी

विन न्यूज़ नेटवर्क। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, धमाके में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद एयरपोर्ट को खाली कराया गया और उड़ानों पर रोक लगा दी गई। पिछले 24 घंटे में कम से कम 225 उड़ानें रद्द होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आंकड़ों और घटना की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

कई देशों के नागरिकों की मौत का दावा

बताई गई जानकारी के अनुसार, मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और स्थिति का आकलन करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की बात कही गई है।

रियाद एयरपोर्ट पर बीते 20 दिनों में यह चौथा हमला होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, इससे पहले हुई कथित घटनाओं और ताजा हमले के संबंध में आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।

हूती विद्रोहियों पर शक, अभी किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी

हमले के पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। बताया गया है कि हूती विद्रोहियों ने इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ानें संचालित करने को लेकर चेतावनी दी थी।

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली सरकारी सेना के बीच संघर्ष तेज होने की खबरें हैं। सऊदी अरब की ओर से हूती ठिकानों पर हवाई कार्रवाई किए जाने और यमन की सरकारी सेना के जमीनी अभियान चलाने की बात कही गई है।

लाल सागर और बाब-अल-मंदेब पर क्यों है नजर?

यमन में जारी संघर्ष का एक अहम पहलू लाल सागर के आसपास स्थित रणनीतिक क्षेत्र हैं। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने से जहाजों की आवाजाही, व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

हालिया सैन्य गतिविधियों के बीच हूतियों की ओर से सऊदी अरब के एयरपोर्ट, तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक स्रोतों से होना जरूरी है।

ट्रम्प बोले- मैं खुश नहीं हूं

रियाद एयरपोर्ट पर कथित हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रतिक्रिया भी चर्चा में है। दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि यह अच्छा नहीं है और वह इससे खुश नहीं हैं। हालांकि, इस बयान के संदर्भ और अमेरिका की आगे की रणनीति को लेकर स्पष्ट आधिकारिक जानकारी जरूरी है।

सऊदी अरब की ओर से अमेरिका और सहयोगी देशों से खुफिया जानकारी साझा करने तथा सैन्य योजना में सहयोग मांगे जाने की बात कही गई है। फिलहाल, इस संघर्ष में अमेरिका की संभावित सैन्य भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित

सुरक्षा चिंताओं के बीच एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस सहित कई विमानन कंपनियों की उड़ानें प्रभावित होने का दावा किया गया है। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी की ओर से सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर चेतावनी बढ़ाए जाने की जानकारी भी दी गई है।

ऐसे हालात में यात्रियों को सलाह है कि एयरपोर्ट जाने से पहले संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें। ध्यान दें: इस खबर में दिए गए हमले, हताहतों की संख्या और उड़ानें रद्द होने संबंधी दावों की आधिकारिक पुष्टि के बिना इन्हें अंतिम तथ्य के रूप में प्रकाशित न करें।

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