अब कोई और नहीं बन सकेगा ‘कैप्टन कूल’…. महेंद्र सिंह धोनी ने कर दिया ऐसा काम

धोनी ने अपने मशहूर उपनाम Captain Cool को कानूनी रूप से अपनी ब्रांड पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

Vin News Network
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अब कोई और नहीं बन सकेगा 'कैप्टन कूल'…. महेंद्र सिंह धोनी ने कर दिया ऐसा काम

मुंबई : क्रिकेट के मैदान पर अपने शांत स्वभाव, तेज़ दिमाग और बेमिसाल कप्तानी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने अब एक और ज़रूरी कदम उठाया है। इस बार मैदान के बाहर। धोनी ने अपने मशहूर उपनाम Captain Cool को कानूनी रूप से अपनी ब्रांड पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

पूर्व भारतीय कप्तान ने महेंद्र सिंह धोनी ने हाल ही में कैप्टन कूल नाम के लिए ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन की अर्जी दी थी, जो अब स्वीकृत और विज्ञापित (advertised) कर दी गई है। यह ट्रेडमार्क धोनी ने खेल प्रशिक्षण,  प्रशिक्षण सुविधाओं (training facilities) और स्पोर्ट्स कोचिंग सेवाओं  के लिए क्लास 41 के तहत रजिस्टर करवाया है. यह ट्रेडमार्क न सिर्फ उनके नाम को कानूनी सुरक्षा देता है, बल्कि यह उनके ब्रांड वैल्यू और पहचान को भी और मजबूत करता है।

धोनी की वकील मानसी अग्रवाल ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह मामला दिखाता है कि पर्सनल ब्रांडिंग और पहचान से जुड़ी विशिष्टता कैसे कानूनी रूप से काम आती है, भले ही पहले से कोई समान ट्रेडमार्क मौजूद हो।

धोनी के कैप्टन कूल ट्रेडमार्क को पहले ट्रेडमार्क एक्ट की धारा 11(1) के तहत आपत्ति मिली थी। इसका कारण था कि इस नाम से पहले ही एक ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड था और नया ट्रेडमार्क लोगों में भ्रम पैदा कर सकता है, लेकिन धोनी की तरफ से यह दलील दी गई कि कैप्टन कूल नाम धोनी से पिछले कई सालों से जुड़ा हुआ है और इसे जनता, मीडिया और प्रशंसकों ने बड़े पैमाने पर अपनाया है।

कहा गया कि यह नाम अब सिर्फ एक उपनाम नहीं बल्कि धोनी की कमर्शियल पहचान बन चुका है। धोनी की लोकप्रियता, मीडिया में कवरेज और प्रशंसकों की पहचान के कारण यह नाम अब किसी और के लिए भ्रम पैदा नहीं करेगा। धोनी की यह पहचान उस पहले ट्रेडमार्क से पहले से मौजूद है और कहीं अधिक मशहूर है। ट्रेडमार्क रजिस्ट्री ने यह दलील स्वीकार की और माना कि कैप्टन कूल सिर्फ एक आम शब्द नहीं है बल्कि यह धोनी की पर्सनैलिटी, ब्रांड और छवि का हिस्सा है।

यह केस यह दिखाता है कि कोई व्यक्ति विशेष अपनी पहचान और छवि को ट्रेडमार्क के जरिए कानूनी सुरक्षा दिला सकता है, भले ही पहले से कोई समान नाम का ट्रेडमार्क मौजूद हो। धोनी के वकील ने कहा कि यह एक प्रभावशाली उदाहरण है, जिसमें किसी खिलाड़ी की पहचान को एक ब्रांड के तौर पर मान्यता दी गई है।

बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी लंबे समय तक टीम इंडिया के कप्तान रहे थे। विकेट के पीछे से कूल अंदाज में मैच पलटने की उनकी क्षमता के कारण उन्हें कैप्टन कूल कहा जाता था। धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन आईपीएल में वो चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए कप्तानी करते नजर आते हैं।

क्यों खास है ‘Captain Cool’?

इस नाम में सिर्फ ठंडे दिमाग की बात नहीं है—ये उस विरासत की पहचान है जो धोनी ने बनाई।
2007 में भारत को पहला T20 वर्ल्ड कप दिलाया।
2011 में वर्ल्ड कप जिताया।
2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का ताज पहनाया।

हर मुश्किल मोड़ पर उनका संयम, चेहरे पर वही स्थिर मुस्कान और जीत की गारंटी—यही तो है ‘Captain Cool’.

इस ट्रेडमार्क फाइलिंग के ज़रिए धोनी एक बार फिर यह साबित कर रहे हैं कि वो सिर्फ एक सफल क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी ब्रांड बिल्डर भी हैं। यह कदम उनके ब्रांड “SEVEN”, विज्ञापन, मर्चेंडाइजिंग या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने वाले संभावित प्रोजेक्ट्स की तैयारी का हिस्सा माना जा सकता है।

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