बॉक्स ऑफिस पर 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने न केवल रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि सीमा पार एक बड़ा राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। फिल्म में ‘जमील जमाली’ का किरदार निभाने वाले दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी को लेकर पाकिस्तानी राजनेता नबील गबोल ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। गबोल का दावा है कि यह किरदार असल में उन पर आधारित है, लेकिन इसे जिस तरह से एक कॉमेडियन के जरिए पेश किया गया है, वह उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया।
नबील गबोल ने हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर से बातचीत के दौरान भारतीय फिल्ममेकर्स पर तंज कसते हुए कहा कि भारतीय असलियत में पाकिस्तानी सेना से नहीं लड़ सकते, इसलिए वे ऐसी फिल्में बनाकर अपना दिल बहलाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि फिल्म में उनके जैसा दिखने वाला किरदार एक जासूस (इंटेलिजेंस ऑपरेटिव) के रूप में दिखाया गया है। गबोल ने जोर देकर कहा कि 2007 के दौरान वह ल्यारी से नेशनल असेंबली के सदस्य थे और उनका असली व्यक्तित्व फिल्म में दिखाए गए ‘दबंग’ अंदाज से कहीं ज्यादा मजबूत है।
सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग से तिलमिलाए गबोल ने अब भारत को अपनी ही फिल्म के जरिए जवाब देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही एक नया प्रोजेक्ट शुरू करेंगे, जिसका संभावित नाम ‘ल्यारी का गब्बर’ हो सकता है। गबोल का कहना है कि वह इस फिल्म के जरिए दुनिया को दिखाएंगे कि असली ल्यारी क्या है और वहां के लोग कितने ताकतवर हैं। उन्होंने भारतीय सोशल मीडिया पर पूछे जा रहे सवालों का जवाब देते हुए इसे पाकिस्तान का अपना ‘वर्जन’ पेश करने की कोशिश बताया है।
आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ सीरीज में रणवीर सिंह कराची के ल्यारी इलाके में एक भारतीय जासूस की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की जबरदस्त सफलता और इसमें पाकिस्तानी राजनीति के चित्रण ने गबोल को इस कदर आहत किया है कि उन्होंने अब सीधे तौर पर ‘धुरंधर 3’ जैसा प्रोजेक्ट पाकिस्तान में ही बनाने की बात कह दी है। अब देखना यह होगा कि नबील गबोल की यह ‘फिल्मी धमकी’ हकीकत का रूप लेती है या केवल एक राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाती है।