दिल्ली में हुए दर्दनाक SUV हादसे के बाद नाबालिग आरोपी के पिता सामने आए हैं और पूरे मामले पर सफाई दी है। इस हादसे में 23 वर्षीय युवक साहिल की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद से मामला सुर्खियों में है और अब आरोपी के पिता ने कहा है कि उनका बेटा मां से छिपाकर गाड़ी की चाबी लेकर चला गया था।
पिता ने बताया कि हादसे वाले दिन वह घर पर मौजूद नहीं थे। वह 31 तारीख को दिल्ली से गोरखपुर और कुशीनगर के लिए निकले थे। 3 तारीख को सुबह करीब 11 बजे उनकी पत्नी ने उन्हें फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह घर पर होते तो शायद यह हादसा नहीं होता।
उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे को कार चलाने की अनुमति नहीं थी और उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि बेटा गाड़ी चलाता है। उनके अनुसार, बेटा मां से चाबी छिपाकर कार लेकर निकल गया था। हादसे के बाद से वह गहरे सदमे और डिप्रेशन में है तथा किसी से बात नहीं कर रहा है।
‘कमर्शियल गाड़ियों का है बिजनेस’
आरोपी के पिता ने बताया कि उनका कमर्शियल गाड़ियों का व्यवसाय है। गाड़ी अक्सर ड्राइवर चलाते हैं और काम के सिलसिले में आना-जाना लगा रहता है। गाड़ी पर हुए चालानों के बारे में उन्होंने कहा कि यह ड्राइवरों की वजह से होते हैं, उन्हें हर चालान की जानकारी नहीं रहती। उन्होंने स्पष्ट किया कि चालान बेटे की वजह से नहीं थे।
पेन ड्राइव में वीडियो पुलिस को सौंपा
पिता के मुताबिक, हादसे के दिन उनकी बेटी भी कार में मौजूद थी। बेटी ने उन्हें बताया कि कार सामान्य गति यानी 35-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। अचानक बस के पीछे से एक बाइक सवार निकला और ओवरटेक करने की कोशिश में कार से टकरा गया। टक्कर के बाद कार का एयरबैग खुल गया और कार सवारों को सिर में चोट आई। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें ठीक से याद नहीं है।
उन्होंने कहा कि घटना से जुड़ा वीडियो पेन ड्राइव में पुलिस और कोर्ट को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि अदालत जो भी आदेश देगी, वे उसका पालन करेंगे। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि “गलती हमारी भी है और हमारे बेटे की भी है।”
‘घायल को अस्पताल ले जाने को कहा’
पिता ने बताया कि जब उन्हें फोन पर घटना की सूचना मिली तो उन्होंने अपनी पत्नी से तुरंत घटनास्थल पर जाने और घायल को अस्पताल पहुंचाने को कहा। उस समय उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर है और युवक की मौत हो चुकी है। सूचना मिलते ही वह गोरखपुर से दिल्ली लौटे और सेक्टर 9 थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें पूरी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस घटना से टूट चुका है। “यह दिल तोड़ने वाली घटना है। एक परिवार ने अपना बेटा खोया है, और हमारा बेटा भी मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित है। हमें डर है कि वह इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाया तो कहीं एक और मां अपना बेटा न खो दे।”
कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे
आरोपी के पिता ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करेंगे और पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जो भी दस्तावेज मांगे, वे उपलब्ध करा दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भी उन्होंने सफाई दी। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने कोई “रील” नहीं बनाई थी, बल्कि वह एक छोटा सा वीडियो था। उन्हें इसकी जानकारी पहले नहीं थी।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून के अनुसार नाबालिग द्वारा वाहन चलाना अपराध है और अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय होती है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।