विन न्यूज़ नेटवर्क। हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। ‘वेलकम’, ‘आशिकी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्मों में अपने अलग अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले मुश्ताक खान ने 24 सितंबर को मुंबई के नानावटी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वह करीब दो सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे और कैंसर का इलाज चल रहा था। उनके निधन की जानकारी उनके परिवार और करीबी लोगों की ओर से सामने आई है।
करीब पांच साल से कैंसर से जूझ रहे थे
रिपोर्टों के मुताबिक मुश्ताक खान को करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था, लेकिन हाल के दिनों में बीमारी दोबारा गंभीर हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
250 नहीं, 500 से ज्यादा फिल्मों से जुड़ा नाम
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर में जन्मे मुश्ताक खान ने थिएटर से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में लंबा सफर तय किया। अलग-अलग रिपोर्टों में उनकी फिल्मोग्राफी की संख्या अलग बताई गई है, लेकिन कई ताजा रिपोर्टें उन्हें 500 से अधिक फिल्मों से जोड़ती हैं। टीवी पर भी उन्होंने ‘चाचा चौधरी’, ‘अदालत’, ‘टेढ़े-मेढ़े सपने’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे धारावाहिकों में काम किया।
‘वेलकम’ के बल्लू से मिली खास पहचान
मुश्ताक खान को 2007 की फिल्म ‘वेलकम’ में बल्लू के किरदार से खास लोकप्रियता मिली। फिल्म में उनके कॉमिक अंदाज और संवादों ने दर्शकों को खूब हंसाया। इसके अलावा ‘आशिकी’ में रफू मास्टर, ‘हम हैं राही प्यार के’ में भगवती प्रसाद मिश्रा, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘हेरा फेरी’, ‘जोड़ी नंबर 1’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में भी उनके किरदार याद किए जाते हैं।
आखिरी दौर तक फिल्मों से जुड़े रहे
मुश्ताक खान का अभिनय सफर कई दशकों तक जारी रहा। वह ‘गदर 2’, ‘स्त्री 2’ और ‘द रेलवे मेन’ जैसे हालिया प्रोजेक्ट्स में भी नजर आए। उनकी खास कॉमिक टाइमिंग और सहायक भूमिकाओं को दर्शकों ने लंबे समय तक पसंद किया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर है।