लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मोहर्रम के जुलूस को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। पूरे प्रदेश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रतापगढ़ में कुंडा विधायक राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को 40 घंटे के लिए हाउस अरेस्ट किया गया। 2016 से प्रशासन हर साल मोहर्रम के दौरान उदय प्रताप को हाउस अरेस्ट करता है। विवाद का कारण मोहर्रम के दिन उनका भंडारा आयोजन है, जिसकी अनुमति प्रशासन सांप्रदायिक सौहार्द के मद्देनजर नहीं देता। कुंडा में 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
चित्रकूट में पुलिस की ओर से डिवाइडर लगाने पर मुस्लिम समुदाय नाराज हो गया। उन्होंने ताजिया उठाने से इनकार कर दिया। वहीं, लखनऊ में निकलने वाले जुलूस में स्वामी सारंग भी जंजीरी मातम कर रहे हैं। यहां 1 लाख से ज्यादा अजादार मातम कर रहे हैं। मुरादाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुहर्रम जुलूस निकाला गया। मुरादाबाद DM अनुज कुमार सिंह ने मुहर्रम और कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर कहा, हमने पूरे रूट का दौरा किया है, साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शांति समिति की बैठकें भी हो चुकी हैं। पिछले सालों की तरह इस बार भी हम मुहर्रम का आयोजन शांतिपूर्वक करेंगे। कांवड़ की तैयारियां चल रही हैं, सड़कों की हालत बेहतर है। कांवड़ रूट पर कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। सभी व्यवस्थाएं और सरकारी निर्देशों का पालन किया जाएगा।
लखनऊ का जुलूस विक्टोरिया स्ट्रीट से निकला। अकीदतमंद 5 किलोमीटर दूर कर्बला तालकटोरा तक जाएंगे। जुलूस में चलने वाले लोग इमाम हुसैन की याद में शरीर पर जंजीर और छूरियों से वार कर मातम कर रहे हैं। लखनऊ में ड्राईफ्रूट का अलम बनाया गया। इसमें 65 किलो ड्राईफ्रूट्स का इस्तेमाल किया गया। लखनऊ में स्वामी सारंग ने जंजीरी मातम किया। इस दौरान उनके साथ शिया समुदाय के लोग ‘या हुसैन-या हुसैन’ किया। लखनऊ में स्वामी सारंग हर साल मोहर्रम पर मातम करते हैं। उन्होंने इस बार भी जंजीरी मातम किया।
लखनऊ में अजादारी के साथ ईरान का सपोर्ट भी किया जा रहा है। यहां मातम मनाने आए कई लोग अलम के साथ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीर लेकर चल रहे हैं। अजादार जुलूस में चल रहे अलम और मशकीजा को चूम रहे हैं।
चित्रकूट में मुस्लिम समाज बैरिकेडिंग लगाए जाने से नाराज हो गया। इसके बाद ताजिया उठाने से इनकार कर दिया। मोहर्रम कमेटी ने मांग की कि डिवाइडर लगने से ताजिया उठाने में दिक्कत होगी और भीड़ को भी परेशानी होगी, इसलिए डिवाइडर हटाया जाए। लेकिन पुलिस का कहना है कि एक साइड से ट्रैफिक चालू रखने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाने से इनकार कर दिया।
DCP पश्चिम, लखनऊ विश्वजीत श्रीवास्तव ने मुहर्रम की व्यवस्थाओं पर कहा, मुहर्रम के दौरान लखनऊ के पश्चिमी जोन के क्षेत्र, जो पुराने लखनऊ के नाम से भी जाना जाता है, वह काफी संवेदनशील रहता है। यहां पर जोनल स्तर पर व्यवस्था 24 घंटे रहती है। इसके साथ-साथ जो यहां पर जुलूस निकलते हैं उसके लिए अलग से व्यवस्था की जाती है। जुलूस के दौरान तीन स्तर की ड्यूटी लगाई जाती है। पहली बॉक्स फॉर्मेशन में जुलूस के साथ चलती है, दूसरी रूट व्यवस्था की ड्यूटी रहती है और तीसरी जुलूस का जो महत्व स्थान है वहां पर 82 स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए हुए हैं। नागरिक सुरक्षा संगठन के भी जवान हमारे साथ हैं। हम लोगों ने तीन तरह के ड्रोन भी लगाए हैं। हमारा सोशल मीडिया सेल भी पूरी तरह से एक्टिव है। धर्मगुरुओं से भी हमारी लगातार बात हो चुकी है।