पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों का बड़ा अभियान: 92 उग्रवादी ढेर, 15 जवानों की मौत

Priyanshu Kumari
Priyanshu Kumari
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बलूचिस्तान में हमलों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों का बड़ा जवाबी अभियान

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को बताया कि बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में हुए समन्वित हमलों के बाद चलाए गए जवाबी अभियानों में 92 उग्रवादियों को मार गिराया गया है, जबकि झड़पों में सुरक्षा बलों के 15 जवानों की मौत हुई है। यह जानकारी पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने दी है। स्थानीय अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने ISPR के हवाले से इस घटनाक्रम की रिपोर्ट की है।

कई जिलों में एक साथ हुए हमले
ISPR की ओर से शनिवार देर रात जारी बयान के अनुसार, उग्रवादियों ने बलूचिस्तान के कई हिस्सों में एक साथ हमले किए। इन हमलों में क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दल्बंदीन, खारान, पंजगुर, तुंप, ग्वादर और पसनी जैसे इलाके शामिल हैं। बयान में कहा गया कि हमलों में नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया।

सेना के अनुसार, इन हमलों का मकसद प्रांत में जनजीवन को बाधित करना और विकास कार्यों को नुकसान पहुंचाना था।

नागरिकों के हताहत होने का दावा
ISPR ने दावा किया कि इन हमलों के दौरान ग्वादर और खारान जिलों में 18 नागरिकों की मौत हुई। मारे गए लोगों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल बताए गए हैं। सेना ने कहा कि नागरिकों को निशाना बनाना उग्रवादियों की रणनीति का हिस्सा था।

जवाबी कार्रवाई में 92 उग्रवादी मारे जाने का दावा
पाकिस्तान सेना के अनुसार, हमलों के बाद सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने व्यापक तलाशी और क्लीयरेंस ऑपरेशन चलाए। इन अभियानों के दौरान कुल 92 उग्रवादियों को मार गिराया गया, जिनमें तीन आत्मघाती हमलावर भी शामिल थे। ISPR ने कहा कि इलाके में अब भी अभियान जारी हैं और हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों की तलाश की जा रही है।

बयान में यह भी बताया गया कि इन झड़पों में सुरक्षा बलों के 15 जवानों की जान गई है।

पिछले दो दिनों में 133 उग्रवादियों के मारे जाने का दावा
ISPR ने इससे पहले शुक्रवार को जानकारी दी थी कि पंजगुर और हरनई में अलग-अलग अभियानों के दौरान 41 उग्रवादी मारे गए थे। इसके साथ ही पिछले दो दिनों में बलूचिस्तान में मारे गए उग्रवादियों की संख्या 133 बताई गई है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सेना के इन आंकड़ों को रिपोर्ट किया है।

स्थानीय प्रशासन का बयान
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने कहा कि पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स की समय पर कार्रवाई के चलते कई हमलों को नाकाम किया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कानून-व्यवस्था बहाल रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

BLA ने सेना के दावों को किया खारिज
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान सेना के दावों को खारिज किया है। BLA ने अपने बयान में कहा कि उसने ‘ऑपरेशन हीरोफ’ के दूसरे चरण के तहत 14 शहरों में 48 स्थानों पर समन्वित हमले किए।

BLA के अनुसार, इन हमलों में सैन्य, प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचों को निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि उसने दर्जनों पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया, कुछ को पकड़ लिया और कई चौकियों व सरकारी संपत्तियों पर कब्जा किया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति
बलूचिस्तान लंबे समय से उग्रवाद और हिंसा से प्रभावित रहा है। सुरक्षा बलों और उग्रवादी संगठनों के बीच टकराव की घटनाएं यहां लगातार सामने आती रही हैं। हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रांत की सुरक्षा चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

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