हरियाणा CET परीक्षा में बड़ी राहत: पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए उम्र सीमा में 3 साल की छूट

Vin News Network
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हरियाणा के युवाओं को CET परीक्षा में बड़ी राहत, पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए उम्र सीमा में 3 साल की छूट

हरियाणा सरकार ने राज्य के युवाओं को बड़ी राहत देते हुए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के तहत होने वाली पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए उम्र सीमा में तीन साल की छूट देने का ऐलान किया है। यह फैसला उन उम्मीदवारों के लिए अहम माना जा रहा है जो पिछले वर्षों में CET परीक्षा आयोजित न होने के कारण उम्र सीमा पार कर चुके थे और आवेदन नहीं कर पाए थे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बड़ा ऐलान
गुरुवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय युवाओं के हित और न्याय को ध्यान में रखते हुए लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2022 के बाद CET परीक्षा आयोजित न होने से कई योग्य उम्मीदवारों को नुकसान हुआ, और सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे युवाओं को न्याय मिले।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में बड़ी संख्या में युवा उनसे मिलकर अपनी समस्याएं रख रहे थे। युवाओं की मांगों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने उम्र सीमा में छूट देने का निर्णय किया है।

किन उम्मीदवारों को मिलेगा लाभ?
मुख्यमंत्री के अनुसार, वे सभी उम्मीदवार जो पहले केवल उम्र सीमा के कारण CET परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे, अब तीन साल की अतिरिक्त छूट के साथ आगामी CET परीक्षा में हिस्सा ले सकेंगे। यह छूट विशेष रूप से पुलिस कांस्टेबल भर्ती से जुड़ी CET परीक्षा के लिए लागू होगी।

सरकार का मानना है कि यह कदम उन युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करेगा जो वर्षों से भर्ती प्रक्रिया के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।

2022 के बाद CET न होने से युवाओं को हुआ नुकसान
हरियाणा में CET को सरकारी भर्तियों की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। लेकिन 2022 के बाद CET परीक्षा का आयोजन न होने से हजारों उम्मीदवार उम्र सीमा पार कर गए। इससे न केवल उनकी सरकारी नौकरी की उम्मीदें प्रभावित हुईं, बल्कि मानसिक और आर्थिक दबाव भी बढ़ा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने इस वास्तविकता को समझा है और इसी वजह से यह फैसला लिया गया है, ताकि योग्य उम्मीदवार सिर्फ एक तकनीकी वजह से अवसर से वंचित न हों।

युवाओं को न्याय देना सरकार का कर्तव्य: सीएम
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार हमेशा युवाओं के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह दायित्व है कि वह उन छात्रों और उम्मीदवारों को न्याय दिलाए, जिन्हें व्यवस्था में आई देरी के कारण नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने युवाओं को आश्वासन दिया कि सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिक्षा सुधारों की दिशा में भी बड़े कदम
उम्र सीमा में छूट की घोषणा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की भी जानकारी दी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वैलिडेशन (NEEV) पोर्टल का शुभारंभ किया।

यह पोर्टल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बनाया गया है, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था का निरंतर मूल्यांकन और डेटा आधारित निगरानी सुनिश्चित करना है।

‘ज्ञान सेतु’ पहल के तहत अहम समझौते
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ‘ज्ञान सेतु’ पहल के अंतर्गत कई अहम मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते गोल्डन जुबली हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच हुए हैं।

इन समझौतों का उद्देश्य अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना, शोध कार्यों को शासन की प्राथमिकताओं से जोड़ना और संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना है।

शिक्षा को विकास की रीढ़ बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में शिक्षा सुधारों की ये पहल एक निर्णायक मोड़ साबित होंगी। सरकार का लक्ष्य ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करना है जो केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि कौशल, नवाचार और रोजगार पर केंद्रित हो।

उन्होंने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट-2047, जो प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया गया है, उसमें शिक्षा को दीर्घकालिक विकास का मुख्य आधार बनाया गया है।

NEP युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक दूरदर्शी ढांचा है, जो ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को जोड़ती है। इससे युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।

‘ज्ञान सेतु’ के तहत हुए समझौते यह सुनिश्चित करेंगे कि विश्वविद्यालयों में होने वाला शोध और शैक्षणिक विशेषज्ञता समाज और शासन की वास्तविक जरूरतों से जुड़ी रहे।

युवाओं के लिए राहत और उम्मीद
CET परीक्षा में उम्र सीमा में दी गई यह तीन साल की छूट हजारों युवाओं के लिए राहत लेकर आई है। यह फैसला न केवल पुलिस कांस्टेबल भर्ती को लेकर उम्मीद जगाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार युवाओं की समस्याओं को सुनने और समाधान देने के लिए तैयार है।

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