विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन के मीडिया सेंटर में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। इस दौरान प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों और मार्गदर्शन से उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। जेवर में विकसित हो रहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश की कनेक्टिविटी, व्यापार, निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा पर विशेष प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के अभिनंदन से संबंधित विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह यात्रा 7 अक्टूबर को 25 वर्ष पूरे कर चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में काशी से सांसद बनने के बाद प्रदेश के विकास को नई दिशा मिली।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का काशी से जुड़ाव उत्तर प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा है।
2017 के बाद बदली प्रदेश की तस्वीर: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक चुनौतियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में पारदर्शी और तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया। इससे निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने और विकास परियोजनाओं को गति देने में मदद मिली।
सड़क, रेल और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा और लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भी प्रदेश की परिवहन व्यवस्था के लिए अहम बताया गया। इसके अलावा दादरी में पूर्वी और पश्चिमी समर्पित मालवाहक रेल गलियारों के जंक्शन, वाराणसी में मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया गया।
किसानों और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पहुंचाई गई है। वहीं, 86 लाख लघु और सीमांत किसानों की कर्जमाफी तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कृषि ऋण वितरण का भी उल्लेख किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास मिले हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2.46 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उज्ज्वला योजना के तहत 1.86 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन देने और मुफ्त राशन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाने की जानकारी भी दी गई।
स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष्मान योजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी कार्ड, मुफ्त इलाज और आरोग्य मेलों के माध्यम से उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और रायबरेली में एम्स के संचालन से प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिली है।
जेवर एयरपोर्ट के नामकरण प्रस्ताव को मंजूरी के साथ हुई इस कैबिनेट बैठक में सरकार ने बुनियादी ढांचे, किसानों, गरीब परिवारों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों को भी प्रमुखता से रखा।