उत्तराखंड के नैनीताल जिले में बीते कई दिनों से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और इसका असर अब इंसानों के साथ-साथ वन्य जीवों पर भी देखने को मिल रहा है। बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के साथ ही जंगली जानवरों के लिए भी संकट बढ़ गया है।
कोसी नदी में बहते दिखे हाथी
रामनगर क्षेत्र से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में कोसी नदी की उफान में दो विशालकाय हाथी बहते हुए दिखाई देते हैं। तेज बहाव से जूझते हुए हाथियों ने अपनी जान बचाने की जी-तोड़ कोशिश की और आखिरकार नदी किनारे तक पहुंचने में कामयाब रहे। यह घटना रामनगर के मोहान और कुमेरिया इलाके के बीच की है, जहां हाथी नदी पार करने की कोशिश में बहने लगे। स्थानीय लोगों ने इस घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।
गजब की फुर्ती दिखाकर बचाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों हाथी जंगल से निकलकर नदी पार करते हुए वापस लौट रहे थे। इसी बीच कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ होने के कारण वे तेज धारा में फंस गए। नदी की लहरें इतनी प्रचंड थीं कि एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे हाथी अपनी जान नहीं बचा पाएंगे। लेकिन हैरत की बात यह रही कि दोनों ने गजब की फुर्ती और सूझबूझ दिखाई।
कुछ देर तक संघर्ष करने के बाद आखिरकार हाथी नदी किनारे पर पहुंच गए और बड़ी अनहोनी टल गई। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि किस तरह दोनों विशालकाय हाथी पानी की धारा से टकराते हुए किनारे तक पहुंचे।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में अक्सर नदी-नाले उफान पर रहते हैं और इस दौरान जंगली जानवरों को नदी पार करने में भारी परेशानी होती है। कई बार हिरण, तेंदुए और अन्य छोटे जानवर नदी के बहाव में बह चुके हैं। कुछ मामलों में उनकी मौत भी हो चुकी है। लेकिन हाथियों के साथ इस तरह का दृश्य कम ही देखने को मिलता है। इस घटना ने लोगों को चौंका दिया और साथ ही यह भी दिखा दिया कि जंगल के बड़े से बड़े जीव भी प्राकृतिक आपदाओं से अछूते नहीं हैं।
वायरल वीडियो से फैली हलचल
हाथियों के बहने का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने इसे लेकर चिंता जताई। हजारों लोगों ने वीडियो को शेयर किया और हाथियों की हिम्मत और फुर्ती की तारीफ की। कई लोगों ने इसे “नेचर का अद्भुत नजारा” बताया, तो वहीं कुछ लोगों ने सरकार से जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने की मांग की।
प्रशासन और वन विभाग अलर्ट
लगातार हो रही बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। अधिकारियों का कहना है कि मानसून सीजन में ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। वन विभाग ने अपने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नदी किनारों पर गश्त करें। ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है कि वे नदी किनारे जाने से बचें। हाथियों और अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
प्रकृति और वन्य जीवों का संघर्ष
यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि बारिश और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि जंगली जीवों को भी प्रभावित करती हैं। जंगली जानवर अक्सर अपने सुरक्षित इलाकों से निकलकर नदियों या आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं और इस दौरान उनके साथ ऐसे हादसे हो जाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि बदलते मौसम और पर्यावरणीय असंतुलन की वजह से ऐसे मामले भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
रामनगर की इस घटना ने साफ कर दिया कि पहाड़ों में बारिश और बाढ़ के समय सिर्फ इंसानी बस्तियां ही नहीं बल्कि जंगल और उसमें रहने वाले जानवर भी खतरे में रहते हैं। शुक्र है कि इस बार दोनों हाथी अपनी सूझबूझ से बच निकले, वरना यह दृश्य किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।