राघव चड्ढा क्या कांग्रेस जॉइन करने वाले हैं? अलका लांबा के चौंकाने वाले जवाब से मची सियासी हलचल

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
अलका लांबा ने राघव चड्ढा के कांग्रेस जॉइन करने की अटकलों को खारिज करते हुए उनके भाजपा में जाने की भविष्यवाणी की है.

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी खींचतान अब एक नए और दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गई है. राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा के भविष्य को लेकर कयासों का दौर जारी है. इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट ने दिल्ली की राजनीति में नया उबाल ला दिया है, जिसमें राघव चड्ढा के कांग्रेस जॉइन करने की संभावना जताई गई है.

अलका लांबा का ‘डबल धमाका’ दावा
कांग्रेस की फायरब्रांड नेता अलका लांबा ने इस चर्चा में कूदते हुए एक ऐसा जवाब दिया है जिसने सबको हैरान कर दिया है. जब एक यूजर ने पूछा कि क्या राघव चड्ढा दिल्ली में शीला दीक्षित के बाद कांग्रेस का बड़ा चेहरा बन सकते हैं, तो लांबा ने इसका खंडन करते हुए बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा और एक अन्य ‘गुप्त’ राज्यसभा सांसद केवल कार्यकाल पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं और वे कांग्रेस नहीं, बल्कि भाजपा का दामन थामेंगे. लांबा के इस ‘दोनों’ शब्द ने पार्टी के भीतर किसी और बड़े विकेट के गिरने के संकेत दे दिए हैं.

संसदीय कद घटा, अटकलें बढ़ीं
उल्लेखनीय है कि महज 24 घंटे पहले आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने की सिफारिश की थी. उनकी जगह लुधियाना के कारोबारी और सांसद अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और संकट के समय राघव की ‘रहस्यमयी चुप्पी’ और विदेश प्रवास ने नेतृत्व को नाराज कर दिया है. यहाँ तक कि अब उन्हें सदन में बोलने के लिए पार्टी के कोटे से समय न देने का भी आग्रह किया गया है.

क्या भाजपा की राह पर हैं राघव?
सौरभ भारद्वाज और अलका लांबा जैसे नेताओं के बयानों ने एक बात साफ कर दी है कि राघव चड्ढा फिलहाल अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़ गए हैं. जहाँ भारद्वाज उन्हें ‘नरम राजनीति’ छोड़ने की सलाह दे रहे हैं, वहीं अलका लांबा सीधे उनके भगवा चोला ओढ़ने की भविष्यवाणी कर रही हैं. 2026 के दिल्ली और पंजाब के राजनैतिक समीकरणों के बीच, राघव चड्ढा की अगली चाल क्या होगी, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. क्या यह ‘आप’ के सबसे युवा चेहरे के अंत की शुरुआत है या वे कोई नया राजनैतिक धमाका करने वाले हैं?

अकेले राघव चड्ढा ही नहीं, बल्कि पंजाब के अन्य सांसदों की भूमिका भी अब जांच के घेरे में है. अशोक मित्तल की नियुक्ति को पार्टी ने एक ‘सामान्य प्रक्रिया’ बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे ‘राघव मुक्त आप’ की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है.

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *