विश्व बैंक की मदद को आतंकी गतिविधियों में झोंक रहा पाकिस्तान? खुफिया एजेंसियों का अलर्ट

इन नई गतिविधियों की खबर मिलते ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एलओसी के आस-पास की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखना शुरू कर दिया है।

Vin News Network
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विश्व बैंक की मदद को आतंकी गतिविधियों में झोंक रहा पाकिस्तान? खुफिया एजेंसियों का अलर्ट

कराची : पहलगाम हमले के बाद भारत से मुंहतोड़ जवाब पाने के बावजूद पाकिस्तान अपनी आतंकी नीतियों से बाज नहीं आ रहा है। ताजा खुफिया इनपुट्स के मुताबिक, पाकिस्तान एक बार फिर आतंक के नेटवर्क को पुनर्जीवित करने की साजिश में जुटा है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत नष्ट किए गए आतंकी लॉन्च पैड और प्रशिक्षण केंद्र अब दोबारा खड़े किए जा रहे हैं, खासकर पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के सघन जंगलों और दुर्गम इलाकों में।

बहावलपुर में हुई गोपनीय बैठक, बनी नई आतंकी रणनीति
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, सेना और सरकार की सहमति से बहावलपुर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस मीटिंग में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और TRF जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों के प्रमुख कमांडर और पाकिस्तानी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में न सिर्फ पुराने कैंपों की मरम्मत का निर्णय लिया गया, बल्कि नए ठिकानों के निर्माण और उनकी फंडिंग पर भी चर्चा हुई।

हाईटेक कैंपों से मिलिटेंट्स को मिल रहा आधुनिक प्रशिक्षण
इस बार आतंकियों के प्रशिक्षण केंद्रों को पहले से ज्यादा आधुनिक बनाया जा रहा है। ये कैंप अब ड्रोन, थर्मल सेंसर और नाइट विजन कैमरों जैसी उन्नत तकनीकों से लैस किए जा रहे हैं। इनकी निगरानी की जिम्मेदारी पाकिस्तान सेना के स्पेशल सिक्योरिटी गार्ड्स को दी गई है, जिससे भारत की खुफिया एजेंसियों को इन तक पहुंचना कठिन हो सके।

कैंपों की रणनीति में बदलाव, छोटे समूहों में ट्रेनिंग
पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार आतंकी संगठनों ने ट्रेनिंग पैटर्न में बदलाव किया है। अब किसी एक कैंप में 200 से अधिक आतंकियों को नहीं रखा जाएगा। इसके बजाय कई छोटे-छोटे कैंप स्थापित किए जा रहे हैं ताकि निगरानी तंत्र को भ्रमित किया जा सके। ट्रेनिंग पूरी होते ही आतंकियों को सीमा की ओर भेजने की योजना है।

भारतीय एजेंसियां सतर्क, LoC पर बढ़ाई गई निगरानी
इन नई गतिविधियों की खबर मिलते ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एलओसी के आस-पास की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखना शुरू कर दिया है। सेना और खुफिया विभागों ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। PoK में बन रहे इन नए ठिकानों पर सैटेलाइट इमेजरी और ग्राउंड इंटेलिजेंस के माध्यम से निगरानी को बढ़ाया गया है।

विदेशी फंडिंग के जरिए हो रहा आतंकी नेटवर्क का पुनर्निर्माण
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान को हाल ही में विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक से मिली आर्थिक सहायता का एक बड़ा हिस्सा आतंकी ढांचे की पुनर्बहाली में लगाया जा सकता है। सरकार द्वारा ‘मरकजों’ की बहाली के नाम पर आतंकियों को भारी मात्रा में फंडिंग दी जा रही है।

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए थे कई बड़े लॉन्च पैड
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जिन आतंकी लॉन्च पैड्स को ध्वस्त किया था, उनमें लूनी, पुटवाल, भैरोनाथ, पीपी धन्दार, टीपू, मुमताज कॉम्प्लेक्स, जमील, सैधवाली, उमरांवली बंकर, चपरार फॉरवर्ड, छोटा चक पोस्ट, अफजल शहीद पोस्ट और जंगलोरा पोस्ट जैसे नाम शामिल थे। अब इन्हीं स्थानों पर फिर से आतंकी ढांचे को खड़ा किया जा रहा है।

PoK के इन इलाकों में तेज़ी से हो रहा निर्माण
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाक अधिकृत कश्मीर के केल, सारडी, दुधनियाल, अथमुकम, जुरा, लीपा, पछिबन, फॉरवर्ड कहुटा, कोटली, खुइरत्ता, मंधार, निकैल, चमनकोट और जानकोटे जैसे क्षेत्रों में नए लॉन्चिंग पैड्स बनाए जा रहे हैं। इन इलाकों को इस प्रकार चुना गया है कि भारतीय निगरानी एजेंसियों की नजर वहां तक आसानी से न पहुंचे।

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