अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक भारतीय मूल के छात्र को आग लगाने और परिवार के सदस्यों को आतंक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान मनोज साई लेला (Manojh Sai Lella) के रूप में हुई है। वह यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, डलास में पढ़ाई कर रहा है और सोमवार को फ्रिस्को पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, लेला के परिवार ने अधिकारियों को सूचना दी कि छात्र मानसिक स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है और उसने कथित तौर पर धमकियां दी हैं। परिवार ने यह भी बताया कि लेला ने कुछ दिन पहले घर में आग लगाने का प्रयास किया था। इस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छात्र को गिरफ्तार किया।
अधिकारियों ने बताया कि लेला पर “आवास या पूजा स्थल को नुकसान पहुँचाने के इरादे से आग लगाने” का मामला दर्ज किया गया है, जो पहले दर्जे का गंभीर अपराध (First-Degree Felony) माना जाता है। इसके अलावा, उस पर परिवार या घर के सदस्य के खिलाफ आतंकवादी धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है, जो क्लास ए मिस्डिमीनर (Class A Misdemeanor) के तहत आता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई साक्ष्य नहीं मिला है जो किसी पूजा स्थल पर खतरे को दर्शाता हो।
न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार, लेला की जमानत राशि आग लगाने के आरोप में ₹89,70,000 और आतंक धमकी के आरोप में ₹3,12,128.60 निर्धारित की गई है। मामले की जांच अभी जारी है और अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले अक्सर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संकट और अस्थिर व्यवहार से जुड़े होते हैं। पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी और प्रारंभिक जांच का मकसद केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित खतरे को रोकना है।
फ्रिस्को पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यवहार या धमकी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारी इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या वाले व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिलनी चाहिए।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया है कि मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों पर सतर्क रहना जरूरी है। अमेरिकी विश्वविद्यालयों और समुदायों में ऐसे मामलों के बढ़ते चलन ने यह संदेश दिया है कि परिवार, प्रशासन और स्थानीय कानून प्रवर्तन को समन्वित रूप से काम करना चाहिए।
अमेरिका में भारतीय छात्रों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि मानसिक स्वास्थ्य के संकेतों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए और समय पर मदद लेना बेहद महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने बताया कि लेला को हिरासत में लेने के बाद उसकी मानसिक स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके।
यह मामला यह भी उजागर करता है कि परिवार, शिक्षा संस्थान और कानून प्रवर्तन को मिलकर किसी भी संभावित हिंसा या धमकी की स्थिति में तुरंत कदम उठाने चाहिए। फिलहाल, लेला के खिलाफ मामले दर्ज हैं और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।