अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को लेकर भारत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पीस डील का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा वैश्विक व्यापार और आवाजाही को मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने समझौते पर जताई खुशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए समझौते का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि इस तनाव के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान उत्पन्न हुए और कई देशों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के माध्यम से स्थायी और अंतिम समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
ट्रंप ने किया शांति समझौते का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा की। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच स्विट्जरलैंड में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में अमेरिका की ओर से जेडी वेंस और ईरान की ओर से अराघची और गालिबफ शामिल होंगे। समझौते के तहत 60 दिनों के सीजफायर अवधि में दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की जाएगी।
किन मुद्दों पर होगी बातचीत
इस अस्थायी समझौते के दौरान ईरान पर लगे प्रतिबंधों, फ्रीज किए गए फंड की रिहाई और परमाणु कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। जब तक अंतिम समझौता लागू नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी व्यवस्थाएं प्रभावी रहेंगी। इस समझौते को वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।