भारत सरकार ने देश में बिकने वाले सभी मोबाइल और स्मार्टफोन डिवाइस निर्माता कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपने उपकरणों में राज्य-निर्मित साइबर सुरक्षा ऐप को पहले से इंस्टॉल करें। यह कदम देश में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ डिजिटल अपराध और धोखाधड़ी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। सरकार ने इस ऐप को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी के तहत तकनीकी टीम को जिम्मेदारी दी है।
इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने फोन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, संदिग्ध लिंक और मैसेज को ब्लॉक कर सकते हैं, और व्यक्तिगत डेटा की चोरी या दुरुपयोग से बचाव कर सकते हैं। यह ऐप एंड्रॉइड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर काम करेगा।
फोन कंपनियों को आदेश दिया गया है कि नए मॉडल और सेल में उपलब्ध डिवाइस में यह ऐप पहले से इंस्टॉल हो। इसके साथ ही उपयोगकर्ताओं को इसे अनइंस्टॉल करने का विकल्प नहीं मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे इस ऐप का उपयोग जरूर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से भारत में साइबर सुरक्षा का स्तर बढ़ेगा और नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग और डेटा चोरी जैसी समस्याओं से सुरक्षा मिलेगी।