प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत और यूरोप दोनों के करोड़ों लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आया है। गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक के उद्घाटन के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने इस समझौते को दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का उदाहरण बताया।
भारत-ईयू एफटीए पर प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। इस समझौते ने भारत और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं।” उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, “यह दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का उदाहरण बन गया है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, निवेश और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के नए रास्ते भी खोलेगा।
इंडिया एनर्जी वीक का गोवा में आयोजन
प्रधानमंत्री मोदी ने गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक के नवीन संस्करण का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन में लगभग 150 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इस नए संस्करण में दुनिया भर के लगभग डेढ़ सौ देशों के प्रतिनिधि आज गोवा में एकत्र हुए हैं। आप सभी ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ भविष्य पर चर्चा करने भारत आए हैं। मैं आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करता हूं।”
ऊर्जा क्षेत्र में भारत की भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक कम समय में ऊर्जा क्षेत्र में संवाद और सहयोग का एक वैश्विक मंच बन गया है। उन्होंने कहा, “इंडिया एनर्जी वीक तेजी से ऊर्जा क्षेत्र में संवाद और कार्रवाई का वैश्विक मंच बनकर उभरा है।”
उन्होंने भारत को ऊर्जा उद्योग के लिए व्यापक अवसरों वाला देश बताया और कहा कि भारत की ऊर्जा मांग लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत में ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।”
रिफाइनिंग सेक्टर में शीर्ष स्थान का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की रिफाइनिंग और डाउनस्ट्रीम क्षमता को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “जल्द ही हम रिफाइनिंग क्षेत्र में दुनिया में नंबर एक होंगे।” उन्होंने बताया कि सरकार बुनियादी ढांचे के विस्तार, तकनीक के उन्नयन और वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख निर्यातकों में शामिल है। उन्होंने कहा, “हम अब पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष निर्यातकों में हैं और 150 से अधिक देशों को आपूर्ति कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह क्षमता भारत को वैश्विक ऊर्जा जरूरतों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बनाती है।
साझेदारी और सहयोग पर आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक कंपनियों और सरकारों से भारत के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “इसलिए इंडिया एनर्जी वीक इस क्षेत्र में साझेदारी और सहयोग तलाशने के लिए एक आदर्श मंच है।”
इंडिया एनर्जी वीक के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, रिफाइनिंग क्षमता, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और आर्थिक विकास तथा स्थिरता के बीच संतुलन पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें दुनिया भर के नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।