प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नए एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवंबर का महीना भारत के लिए नई आकांक्षाओं और उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने कहा कि भारत ने इस महीने कई ऐसे कदम उठाए हैं जो राष्ट्र की प्रगति, आत्मनिर्भरता और नवाचार के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
एविएशन सेक्टर में बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत ने विमानन क्षेत्र में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। इस प्रगति को उन्होंने भारत की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक मानचित्र पर बढ़ते प्रभाव का प्रतीक बताया। MRO सेक्टर में यह उपलब्धि भारत को न केवल विदेशी निर्भरता से मुक्त करेगी, बल्कि नए रोजगार और तकनीकी अवसर भी पैदा करेगी।
INS महे का नौसेना में शामिल होना रक्षा क्षमता में बढ़ोतरी
अपने संबोधन में उन्होंने बीते सप्ताह भारतीय नौसेना में INS महे के शामिल होने का विशेष उल्लेख किया। मुंबई में हुए इस औपचारिक कार्यक्रम को उन्होंने देश की समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने वाला एक अहम कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक क्षमताओं से लैस INS महे भारत की समुद्री सीमाओं की रक्षा को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
अंतरिक्ष क्षेत्र में नई उड़ान स्कायरूट का ‘इन्फिनिटी कैंपस’
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष पारितंत्र (Space Ecosystem) की प्रगति का ज़िक्र करते हुए बताया कि स्कायरूट एयरोस्पेस के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ ने देश के स्पेस सेक्टर को एक नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि निजी उद्योगों, स्टार्टअप्स और युवा वैज्ञानिकों की बढ़ती भागीदारी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार और गति लाई है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक और मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम चाहे वह नौसेना की शक्ति में वृद्धि हो, विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हो, या स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों का उभार भारत में बढ़ती नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति का प्रतिबिंब हैं।
‘मन की बात’—जन-सम्पर्क का मुख्य माध्यम
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया कि ‘मन की बात’ वर्षों से देश और विदेश में बसे लोगों से सीधे संवाद का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ी प्रेरक कहानियों, नवाचारों, और जनसहभागिता वाली पहलों को सामने लाने के लिए जाना जाता है। ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री उन मुद्दों पर बात करते हैं जो देश की प्रगति, सामाजिक सुधारों और नागरिक सहभागिता से जुड़े होते हैं। यही कारण है कि यह कार्यक्रम न केवल सूचना देने का माध्यम रहा है, बल्कि एक जन-आन्दोलन की तरह कई अभियानों को आगे बढ़ाता रहा है चाहे वह स्वच्छता अभियान हो, जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, स्थानीय उद्यमों का प्रोत्साहन, या योग और स्वास्थ्य से जुड़े प्रयास।
पिछले एपिसोड की याद
प्रधानमंत्री ने अपने नवंबर के संबोधन के दौरान पिछले एपिसोड का भी उल्लेख किया, जो 26 अक्टूबर को प्रसारित हुआ था और यह इस कार्यक्रम का 127वाँ संस्करण था। उस दौरान उन्होंने छठ पर्व की शुभकामनाएँ दी थीं और उन युवा रचनाकारों की सराहना की थी जो संस्कृत भाषा के पुनरुद्धार में योगदान दे रहे हैं।
अंत में विकास, नवाचार और राष्ट्र की नई ऊर्जा का संदेश
नवंबर माह की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन सभी घटनाओं से साफ पता चलता है कि नया भारत युवाओं की ऊर्जा, वैज्ञानिक नवाचार, तकनीकी विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, ये उपलब्धियाँ न केवल वर्तमान प्रगति की पहचान हैं, बल्कि भविष्य के सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत की नींव भी हैं।