विन न्यूज़ नेटवर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई विमान हादसे में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने उनके साहस, धैर्य और सूझबूझ की सराहना की।
बातचीत के दौरान स्मित मच्छार अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि हादसे के बेहद मुश्किल समय में भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और उन्हें विश्वास है कि भगवान ने ही उनकी जान बचाई।
PM मोदी के सामने भावुक हुए स्मित मच्छार
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान स्मित मच्छार ने कहा कि नरेंद्र मोदी उनके सबसे बड़े आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस तरह उनका हौसला बढ़ा रहे हैं, उससे उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है।
अपनी आपबीती बताते हुए स्मित ने कहा कि वह उस समय अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे। हादसे के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह नीचे गिर गए थे। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें एहसास हो गया था कि अगर उन्होंने तुरंत कुछ नहीं किया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
‘मुझे पता था कि जहाज नीचे जा रहा है’
स्मित मच्छार ने बताया कि वह पिछले 11 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं। लंबे अनुभव के कारण उन्हें विमान की स्थिति का अंदाजा था। उन्होंने कहा कि जब वह नीचे गिरे हुए थे, तब भी उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बेहद कठिन परिस्थिति के बावजूद उन्होंने दरवाजा खोलने का फैसला किया। उनका कहना था कि उन्हें पता था कि उन्हें किसी भी हालत में यात्रियों को मरने नहीं देना है। इसके बाद दूसरे लोग भी वहां पहुंचे और बचाव की प्रक्रिया में शामिल हुए। स्मित ने इस पूरी घटना में अन्य लोगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
मुश्किल वक्त में भी पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा
बातचीत के दौरान स्मित मच्छार ने बताया कि हादसे के समय वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भगवान ने ही उनकी जान बचाई।
उन्होंने बताया कि वह रोज सुबह पूजा करते हैं। उस दौरान उनका दो साल का बेटा भी उनके साथ रहता है और वह उसे हनुमान चालीसा सुनाते हैं। स्मित ने कहा कि भले ही आज वे देश से दूर हैं, लेकिन अपनी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए।
PM मोदी ने माता-पिता को दिया श्रेय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मित की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा बड़ा काम किया है, जिसकी वजह से देशवासी और दुनिया भर के लोग उनसे बात करने और उन्हें देखने के लिए उत्सुक हैं।
स्मित द्वारा हनुमान चालीसा का जिक्र किए जाने पर प्रधानमंत्री ने उनके माता-पिता भूपेंद्रभाई और गीताबेन को प्रणाम किया और कहा कि उन्होंने अपने बेटे को ऐसे संस्कार दिए हैं।
‘देश आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक है’
प्रधानमंत्री मोदी ने स्मित मच्छार को ‘वीर पुरुष’ बताते हुए उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके साहस को सम्मान की नजर से देख रहा है और भारत उनके स्वागत के लिए उत्सुक है।