मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हिमाचल प्रदेश के बद्दी में बनी नेक्सा डीएस कफ सिरप से बच्चों की मौत का कोई संबंध नहीं है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस सिरप में हानिकारक तत्व नहीं पाए गए हैं जिससे हिमाचल प्रदेश ड्रग विभाग ने राहत की सांस ली है छिंदवाड़ा के परासिया ब्लॉक में सितंबर से बुखार और किडनी फेल्योर से नौ बच्चों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में बच्चों को दी गई दवाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। हिमाचल प्रदेश में बने नेक्सा डीएस कफ सिरप के सैंपल मानकों पर खरे साबित हुए हैं इसलिए इसके उत्पादन पर लगी रोक हटा दी गई है।
आपको बता दें, तमिलनाडु की कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं जिसके कारण उस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी दवा विक्रेताओं और अस्पतालों को इस सिरप के उपयोग से मना कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पांच कंपनियों से सिरप के नमूने लिए थे जो सभी मानकों के अनुरूप पाए गए। इस मामले पर सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की जाएगी ताकि आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके। इस जांच से न केवल स्थानीय प्रशासन को राहत मिली है बल्कि यह भी सुनिश्चित किया गया है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।