भारत सरकार ने विदेशी और घरेलू पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था तैयार की है। यद्यपि पर्यटकों की सुरक्षा मुख्य रूप से राज्यों का विषय है, फिर भी पर्यटन मंत्रालय लगातार राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर समर्पित टूरिस्ट पुलिस की तैनाती पर जोर दे रहा है। मंत्रालय के प्रयासों का परिणाम है कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने पर्यटन स्थलों पर विशेष टूरिस्ट पुलिस तैनात की है।
पर्यटन मंत्रालय CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से पर्यटकों से सेवा में कमी, धोखाधड़ी और अन्य समस्याओं से जुड़ी शिकायतें 24×7 प्राप्त करता है। विदेशी पर्यटक भी अपने भारतीय मोबाइल नंबर की सहायता से सीधे पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यात्रियों की सुविधा को और बढ़ाने के लिए, मंत्रालय ने टोल-फ्री टूरिस्ट हेल्पलाइन 1800-11-1363 / 1363 शुरू की है, जो जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, इतालवी, पुर्तगाली, रूसी, चीनी, जापानी, कोरियाई, अरबी, हिंदी और अंग्रेजी सहित 12 भाषाओं में सहायता उपलब्ध कराती है।
महिला पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, सरकार ने निर्भया फंड के माध्यम से विशेष परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया है। मंत्रालय समय-समय पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह करता है कि वे इस फंड का उपयोग करके पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट लागू करें।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान दी, जिसमें उन्होंने सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय पर्यटन वातावरण तैयार करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।