50,000 रुपये के विवाद ने खोला करोड़ों का किडनी रैकेट कानपुर में 5 डॉक्टर गिरफ्तार, 40 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट का खुलासा

Vin News Network
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लालच ने डुबोया! 60 लाख में बेचते थे किडनी, 50 हजार के विवाद ने पहुंचाया जेल

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में महज 50,000 रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद ने मानव अंगों के अवैध कारोबार के एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच डॉक्टरों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब तक विदेशियों सहित कम से कम 40 लोगों की अवैध किडनी सर्जरी कर चुका है।

कैसे हुआ खुलासा?
इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले आयुष नाम के एक एमबीए (MBA) छात्र की शिकायत पर हुआ। मेरठ में पढ़ाई कर रहे आयुष ने आर्थिक तंगी के कारण अपनी एक किडनी 10 लाख रुपये में बेचने का सौदा आरोपियों से किया था।

सौदा तय होने के बाद आयुष को केवल 9.5 लाख रुपये दिए गए। अपने हक के 50,000 रुपये कम मिलने से नाराज होकर आयुष ने पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो धागे खुलते चले गए और एक खौफनाक सच सामने आया।

सोशल मीडिया के जरिए बिछाया जाता था जाल
पुलिस के अनुसार, शिवम अग्रवाल नाम का एक एम्बुलेंस चालक टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को लालच देता था। आयुष भी इसी जाल में फँसा था। गिरोह ने मुजफ्फरनगर की एक मरीज पारुल तोमर के परिवार से किडनी के बदले 60 लाख रुपये वसूले थे, जबकि डोनर (आयुष) को केवल 10 लाख का वादा किया गया था।

अस्पतालों पर छापेमारी और गिरफ्तारियां
सोमवार देर रात पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने कल्याणपुर इलाके के तीन अस्पतालों— आहूजा हॉस्पिटल, प्रिया हॉस्पिटल और मेड लाइफ हॉस्पिटल पर छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पाया गया कि ‘मेड लाइफ हॉस्पिटल’ बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था।

पुलिस ने मौके से आयुष और मरीज पारुल को बरामद किया। आयुष की हालत गंभीर होने के कारण उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गिरफ्तार आरोपी: आहूजा हॉस्पिटल के मालिक डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह और एम्बुलेंस चालक शिवम अग्रवाल।

अंतरराष्ट्रीय तार और फरार मास्टरमाइंड
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, इस रैकेट के तार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और यहां तक कि नेपाल से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब चार अन्य मुख्य डॉक्टरों की तलाश कर रही है, जो इस गैंग के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। इनमें डॉ. अफ़ज़ल (जो डायलिसिस सेंटरों से मरीज ढूंढता था), डॉ. रोहित और वैभव अनुराग (सर्जिकल टीम के मुख्य डॉक्टर) शामिल हैं।

सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने ‘मेड लाइफ हॉस्पिटल’ को सील कर दिया है और वहां से भारी मात्रा में प्रतिबंधित जीवन रक्षक दवाएं और 1.75 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। सीएमओ (CMO) हरि दत्त नेमी ने आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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