संसद के दोनों सदनों में सोमवार से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत हो गई है। यह चर्चा तीन दिनों तक चलेगी और इसके लिए कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को लोकसभा में इस चर्चा का जवाब देंगे। यह जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दी।
संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और आगामी कार्ययोजनाओं पर पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी बात रखते हैं।
तीन दिन चलेगी चर्चा, 18 घंटे का समय निर्धारित
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में तीन दिनों तक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस चर्चा के लिए कुल 18 घंटे का समय तय किया गया है, जिसमें विभिन्न दलों के सांसद अपने विचार रखेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को लोकसभा में चर्चा का उत्तर देंगे और सरकार की ओर से उठाए गए मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे।
लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेंगे सर्बानंद सोनोवाल
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल द्वारा पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव का समर्थन भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या करेंगे।
धन्यवाद प्रस्ताव के पेश होने के बाद इस पर विस्तृत चर्चा शुरू होगी, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्य भाग लेंगे।
राहुल गांधी करेंगे चर्चा की शुरुआत
लोकसभा में विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे। धन्यवाद प्रस्ताव पर होने वाली बहस के दौरान विपक्ष सरकार की नीतियों, घोषणाओं और राष्ट्रपति के अभिभाषण में शामिल मुद्दों पर सवाल उठाएगा, जबकि सत्तापक्ष सरकार की उपलब्धियों और नीतिगत प्राथमिकताओं को सामने रखेगा।
बजट पेश होने के बाद शुरू हुई चर्चा
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश किया था। बजट पेश होने के तुरंत बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान आर्थिक नीतियों, बजट प्रावधानों और सरकार की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा होने की संभावना रहती है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का महत्व
राष्ट्रपति का अभिभाषण संसद के संयुक्त सत्र में सरकार की नीतियों और आगामी एजेंडे को प्रस्तुत करता है। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के माध्यम से सांसदों को सरकार की दिशा और कार्यों पर अपनी राय रखने का अवसर मिलता है। अंत में प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया उत्तर सरकार का आधिकारिक पक्ष माना जाता है।
4 फरवरी को पीएम मोदी का जवाब
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का उत्तर देंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री सरकार की नीतियों का बचाव करेंगे और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर जवाब देंगे।