आज़म ख़ान की रिहाई पर असमंजस कोर्ट के आदेश का इंतज़ार

Vin News Network
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सीतापुर जेल का दरवाज़ा आज़म खान के लिए खुलने को तैयार
Highlights
  • 23 महीने बाद आज़म ख़ान की संभावित रिहाई
  • सीतापुर जेल के बाहर सुरक्षा कड़ी, शहर में धारा 144 लागू
  • समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह

सीतापुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म ख़ान की रिहाई को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लगभग 1 साल 11 महीने 4 दिन बाद आज़म ख़ान के जेल से बाहर आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं, लेकिन मुरादाबाद कोर्ट के आदेश का इंतज़ार अब भी जारी है।

जमानत तो मिली लेकिन आदेश का इंतज़ार

मुरादाबाद में चल रहे छजलैट केस में आज़म ख़ान को दो साल की सज़ा सुनाई गई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। हालांकि, अंतिम रिहाई आदेश अब तक कोर्ट से जारी नहीं हुआ है। संभावना है कि आज दोपहर 2 बजे तक आदेश सीतापुर जेल प्रशासन को प्राप्त हो सकता है। अगर आदेश समय से पहुंच गया, तो आज़म ख़ान आज शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं, अन्यथा रिहाई में एक और दिन की देरी संभव है।

जेल प्रशासन अलर्ट शहर में धारा 144 लागू

सीतापुर प्रशासन ने आज़म ख़ान की संभावित रिहाई को देखते हुए जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया है। शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है और ड्रोन के जरिए जेल के आसपास निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की भीड़ या सार्वजनिक जमावड़े की अनुमति नहीं दी जा रही।

बेटा अब्दुल्ला आज़म और समर्थकों का जमावड़ा

आज़म ख़ान के बेटे अब्दुल्ला आज़म सीतापुर जेल पहुंच चुके हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक जेल के बाहर स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। रामपुर से लेकर सीतापुर तक समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासी भी आज़म ख़ान की वापसी को लेकर बेहद खुश हैं।

104 मामलों में उलझे आज़म ख़ान

पूर्व मंत्री के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें से 93 केवल रामपुर जिले में हैं। इनमें से 12 मामलों में फैसला आ चुका है, कुछ में उन्हें सज़ा हुई और कुछ में वे बरी हुए। हाल ही में उन्हें डूंगरपुर कांड, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान (2008) और क्वालिटी बार केस जैसे मामलों में जमानत मिल चुकी है। इससे उनकी रिहाई का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया था।

जेल से रिहाई की पूरी टाइमलाइन

2020 – पहली बार जेल गए, शुरुआत में रामपुर जेल में रखा गया

2022- मई में जमानत पर रिहा हुए

18 अक्टूबर 2023 – एक और मामले में सज़ा होने के बाद आत्मसमर्पण

23 अक्टूबर 2025 – संभावित रिहाई की तारीख

समर्थकों में खुशी की लहर

रामपुर निवासी और पड़ोसी आमान और शराफत का कहना है कि वे काफी समय से इस दिन का इंतज़ार कर रहे थे। उनके मुताबिक, “पूरा मोहल्ला आज़म ख़ान की वापसी को लेकर उत्साहित है। हमें उम्मीद है कि अब वो बाहर आकर समाज के लिए फिर कुछ अच्छा करेंगे।”

क्या आज रिहा होंगे आज़म ख़ान?

सवाल अब भी बरकरार है कि क्या आज ही रिहाई संभव हो पाएगी। मुरादाबाद कोर्ट से आदेश अगर दोपहर तक पहुंचता है तो आज़म ख़ान आज ही बाहर आ सकते हैं। अन्यथा उन्हें एक और रात जेल में बितानी पड़ सकती है।

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