Yogi Adityanath ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की जनता के नाम पत्र जारी कर शुभकामनाएं दीं और राज्य सरकार के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों से प्रेरणा लेकर प्रदेश में नवनिर्माण और सुशासन का नया दौर आगे बढ़ रहा है तथा मातृशक्ति का आत्मविश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि नवरात्रि के साथ ही राज्य सरकार के नौ वर्ष पूरे होने का भी संयोग है। उन्होंने कहा कि तप, त्याग और शक्ति की प्रतीक माँ दुर्गा की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है और सुशासन का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के गांवों में मातृशक्ति ने परिवर्तन की बड़ी जिम्मेदारी उठाई है। सरकारी योजनाओं के कारण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और दैनिक चुनौतियां विकास के अवसरों में बदल रही हैं। उन्होंने खेती में नवाचार, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को भी इसी बदलाव का उदाहरण बताया।
2017 से पहले और बाद की स्थिति का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में 2017 से पहले की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कारीगर और युवा रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर थे, जबकि आज प्रदेश के लोग वापस लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले रोजगार के अवसर सीमित थे और उनमें भ्रष्टाचार व पक्षपात हावी था, लेकिन अब युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।
शिक्षा, किसान और वंचित वर्ग पर फोकस
सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने किसानों की स्थिति में सुधार का दावा करते हुए कहा कि अन्नदाता अब कर्जदार नहीं बल्कि उत्पादक बन रहा है। साथ ही वनटांगिया, थारू और मुसहर जैसे समुदायों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात भी कही।
सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब भयमुक्त वातावरण है और लोग अपने त्योहारों को शांति व उत्साह के साथ मना रहे हैं। बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने बताया कि वीरांगनाओं Uda Devi, Jhalkari Bai और Rani Avantibai Lodhi के नाम पर 2021 में तीन महिला बटालियन स्थापित की गई हैं।
पत्र के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से “राष्ट्रधर्म सर्वप्रथम” के मंत्र पर चलने की अपील भी की।