18 फरवरी को शेयर बाजार में सिगरेट कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों की खरीदारी के चलते प्रमुख तंबाकू कंपनियों के स्टॉक्स में उछाल आया। ITC Limited का शेयर करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 330.80 रुपये पर पहुंच गया। वहीं Godfrey Phillips India के शेयरों में 12 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई और यह 2,314 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी के असर को संतुलित करने के लिए कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे प्रति सिगरेट कमाई यानी EBIT (Earnings Before Interest and Tax) में सुधार होने की उम्मीद है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने मार्लबोरो कॉम्पैक्ट की कीमत 9.5 रुपये प्रति स्टिक से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति स्टिक कर दी है। इसी तरह ITC भी अपने पोर्टफोलियो के बड़े हिस्से में कीमतें बढ़ा सकती है। अनुमान है कि ITC के करीब 50 प्रतिशत उत्पादों में अपेक्षा से अधिक प्राइस हाइक देखने को मिल सकती है। खासकर 74 मिमी कैटेगरी में नए प्रोडक्ट्स ऊंची कीमतों के साथ लॉन्च किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी से बिक्री की मात्रा यानी वॉल्यूम पर कुछ असर पड़ सकता है। हालांकि, कंपनियों ने संवेदनशील सेगमेंट में कीमतों में सीमित बढ़ोतरी की है, ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े और मांग में तेज गिरावट न आए। प्रीमियम कैटेगरी में कीमतों की पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों तक पहुंचा दी गई है, जहां मांग अपेक्षाकृत स्थिर रहती है।
इस बीच ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS ने ITC को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की है। UBS ने ITC पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि टारगेट प्राइस 420 रुपये से घटाकर 395 रुपये कर दिया है। यह नया लक्ष्य मौजूदा स्तर से करीब 29 प्रतिशत की संभावित तेजी दर्शाता है। ब्रोकरेज के अनुसार, डिस्ट्रीब्यूटर चैनल से पहले ही प्राइस हाइक के संकेत मिल रहे थे और अब कंपनियां इसे लागू कर रही हैं।
UBS का कहना है कि 84 मिमी सिगरेट सेगमेंट, जिस पर टैक्स बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर पड़ा है, उसमें कीमत 17 रुपये से बढ़कर 24 रुपये प्रति स्टिक तक जा सकती है। वहीं 69 मिमी और 64 मिमी जैसे सेगमेंट में कीमतों में सीमित बढ़ोतरी रखी गई है, ताकि वॉल्यूम और EBIT पर दबाव कम रहे। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद ITC का वैल्यूएशन आकर्षक हो गया है और यह निवेश के लिए बेहतर अवसर हो सकता है।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में सिगरेट कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखा गया था। दिसंबर में संसद ने सेंट्रल एक्साइज संशोधन बिल 2025 को मंजूरी दी थी, जिसके बाद सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी लागू की गई। 1 फरवरी से नई दरें प्रभावी हो गईं। अब सिगरेट पर 40 प्रतिशत GST के अलावा लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लगाई जा रही है।
इन टैक्स बदलावों के कारण कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ने की आशंका थी। हालांकि, अब कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए कंपनियां इस असर को कम करने की कोशिश कर रही हैं। बाजार को उम्मीद है कि यदि मांग में बड़ी गिरावट नहीं आती है तो कंपनियों की लाभप्रदता स्थिर रह सकती है।
कुल मिलाकर, सिगरेट कंपनियों के शेयरों में आई ताजा तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशक प्राइस हाइक को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं। हालांकि तंबाकू सेक्टर पर हमेशा टैक्स और नियामकीय जोखिम बने रहते हैं। ऐसे में निवेशकों को इस सेक्टर में निवेश करते समय जोखिम और संभावित रिटर्न दोनों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।