नाइजीरिया के क्वारा राज्य में मंगलवार शाम को बंदूकधारियों ने ‘क्राइस्ट अपोस्टोलिक’ चर्च पर हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है जबकि पादरी समेत कई श्रद्धालुओं के अपहरण की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है।
क्वारा राज्य पुलिस के प्रवक्ता अदेतुन एजिर-अदेयेमी के अनुसार, हमलावरों ने शाम करीब 6 बजे चर्च परिसर में अचानक गोलीबारी शुरू की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन हमलावर चर्च परिसर में मौजूद लोगों को घेरने में सफल रहे। घटना के दौरान एक शव चर्च के भीतर और दूसरा पास की झाड़ियों में मिला। पादरी और अन्य श्रद्धालुओं को घेर कर झाड़ियों की ओर ले जाया गया लेकिन अपहृत व्यक्तियों की कुल संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
इस हमले के तुरंत बाद राष्ट्रपति बोले सीनविनमिन टीनुबू ने अपनी दक्षिण अफ्रीका और अंगोला की प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी। राष्ट्रपति ने यह कदम हाल की हिंसक घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए उठाया। राष्ट्रपति ने क्वारा राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और अपहृत सभी छात्राओं तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं।
यह हमला उस समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही क्वारा राज्य के एक बोर्डिंग स्कूल से 25 छात्राओं का अपहरण किया गया था। यह घटनाक्रम नाइजीरिया में बढ़ते सुरक्षा संकट और शिक्षा एवं धार्मिक संस्थाओं पर हमलों की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करता है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन फिलहाल हमलावरों की खोज में जुटे हुए हैं और उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है। स्थानीय समुदाय और धार्मिक नेता भी सुरक्षा बढ़ाने और अपहृत लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं।
इस घटना ने नाइजीरिया में धार्मिक स्थलों और स्कूलों की सुरक्षा पर बहस को और तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को न केवल तत्काल सुरक्षा उपाय करने होंगे बल्कि ऐसे हमलों की जड़ तक पहुँचकर दीर्घकालिक समाधान भी खोजने होंगे।