महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित ऐतिहासिक Shivneri Fort पर शिवाजी जयंती के अवसर पर भारी भीड़ के कारण अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान एक व्यक्ति के पैर फिसलने से सीढ़ियों पर गिरने की घटना हुई, जिसके चलते तीन लोग घायल हो गए।
यह किला Chhatrapati Shivaji Maharaj का जन्मस्थान है, इसलिए हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी पूरे महाराष्ट्र से भक्त, युवाओं के समूह और विभिन्न संगठनों के सदस्य “शिव ज्योति” लेकर देर रात से ही किले में जुटने लगे थे।
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही किले का परिसर पूरी तरह भर गया। खासकर अंबरखाना क्षेत्र के नीचे संकरी जगहों—जैसे हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा—पर भारी भीड़ जमा हो गई। इन रास्तों से एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने की कोशिश ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक भीड़ के दबाव के कारण लोगों में घबराहट फैल गई और कुछ समय के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग गिर पड़े, जिससे चोटें आईं। हालांकि, गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को तुरंत जुन्नार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस घटना के पीछे भीड़ प्रबंधन की कमी भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल की कमी के चलते कुछ समय के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी।
हालांकि, पुलिस प्रशासन ने “भगदड़” की बात से इनकार किया है। पुणे ग्रामीण के एसपी Sandeep Singh Gill ने बताया कि यह घटना एक व्यक्ति के फिसलने से हुई, जिसके कारण पीछे आ रहे लोग भी गिर गए।
उन्होंने कहा,
“सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आ रहे थे और रात भर भीड़ बनी रही। एक भक्त के फिसलने से कुछ लोग सीढ़ियों पर गिर गए, जिसमें तीन लोग घायल हुए हैं। यह भगदड़ नहीं थी।”
घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। साथ ही, श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें।