Budget 2026-27: कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बड़े ऐलान, स्किल डेवलपमेंट से लेकर डिजिटल स्टोरीटेलिंग तक बढ़ेंगे मौके

Priyanshu Kumari
Priyanshu Kumari
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बजट 2026-27 में कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नई पहलें

केंद्रीय बजट 2026-27 कंटेंट क्रिएशन से जुड़े लोगों के लिए कई अहम घोषणाएं लेकर आया है। बजट में शिक्षा, संस्कृति, डिजाइन, पर्यटन और डिजिटल मीडिया से जुड़ी पहलों के माध्यम से कंटेंट क्रिएटर्स को नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार की इन घोषणाओं का उद्देश्य डिजिटल स्टोरीटेलिंग, विजुअल डिजाइन और क्रिएटिव इंडस्ट्री को संस्थागत समर्थन प्रदान करना बताया गया है।

15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर्स लैब्स
बजट 2026-27 की प्रमुख घोषणाओं में देशभर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर्स लैब्स की स्थापना शामिल है। इसे डिजिटल कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा औपचारिक कदम माना जा रहा है।

इन लैब्स के माध्यम से छात्रों को स्कूल और कॉलेज स्तर पर ही डिजिटल स्टोरीटेलिंग, विजुअल डिजाइन और कंटेंट क्रिएशन से जुड़ी व्यावहारिक स्किल्स सिखाई जाएंगी। इसके तहत वीडियो एडिटिंग, थंबनेल डिजाइनिंग, बेसिक एनिमेशन और डिजिटल ग्राफिक्स जैसी क्षमताओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

डिजिटल स्टोरीटेलिंग को बढ़ावा देने की पहल
बजट में ट्रैवल, संस्कृति, इतिहास और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के लिए ‘नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्कीम’ की घोषणा की गई है। इस योजना का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और परंपराओं को डिजिटल माध्यम से संरक्षित करना है।

इस पहल के तहत रील्स, शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और डॉक्यूमेंट्री जैसे डिजिटल कंटेंट की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कंटेंट क्रिएटर्स को नए विषय और अवसर मिलने की उम्मीद है।

डिजाइन और यूआई/यूएक्स क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय बजट 2026-27 में पूर्वी भारत में एक नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया है। इससे डिजाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ अधिक प्रशिक्षित डिजाइनर, यूआई/यूएक्स विशेषज्ञ और ब्रांड रणनीतिकार बाजार में प्रवेश कर सकेंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की बढ़ती मांग के बीच डिजाइन और ब्रांडिंग से जुड़े पेशेवरों की भूमिका अहम मानी जाती है, ऐसे में इस पहल से कंटेंट क्रिएशन इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की संभावना है।

पर्यटन और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच साझेदारी
बजट में आईआईएम के साथ एक संरचित कार्यक्रम के जरिए 10,000 पर्यटक गाइडों के कौशल विकास की योजना का भी उल्लेख किया गया है। इससे कंटेंट क्रिएटर्स और टूरिज्म गाइडों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही लोथल, धोलावीरा, सारनाथ और लेह पैलेस सहित 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों पर गहन कहानी कहने (इमर्सिव स्टोरीटेलिंग) की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे रिसर्च-आधारित और विजुअल-फर्स्ट कंटेंट तैयार करने वाले क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

सूचना और प्रसारण क्षेत्र में बजट आवंटन
केंद्रीय बजट 2026-27 में सूचना एवं प्रचार (इन्फॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी) के लिए 1,476.83 करोड़ रुपये और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर के लिए 2,750.19 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। आमतौर पर इस बजट का एक हिस्सा कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े कार्यों में उपयोग किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस आवंटन से कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल प्रोडक्शन हाउस और क्रिएटिव एजेंसियों को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन मिलने की संभावना रहती है।

क्रिएटिव इकोसिस्टम को संस्थागत समर्थन
बजट 2026-27 में शिक्षा, संस्कृति, डिजाइन और पर्यटन से जुड़ी घोषणाएं कंटेंट क्रिएशन को एक संगठित और संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में कदम मानी जा रही हैं। इन पहलों से डिजिटल माध्यमों पर काम कर रहे कंटेंट क्रिएटर्स के लिए स्किल डेवलपमेंट और नए अवसरों के रास्ते खुलने की संभावना जताई जा रही है।

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