जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका नाम चर्चित शिल्पी गौतम हत्याकांड में संदिग्ध अभियुक्तों की सूची में था दरअसल पटना में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीके ने बताया कि इस केस की जांच सीबीआई ने की थी और सम्राट चौधरी से पूछताछ की गई थी साथ ही उनका सैंपल भी लिया गया था हालांकि उस वक्त लालू प्रसाद यादव की सरकार थी जिसने राजनीतिक कारणों से मामले को खत्म करवा दिया। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है कि या तो सम्राट चौधरी को गिरफ्तार किया जाए या उन सभी आरोपियों को जेल से बाहर निकलवाने की प्रक्रिया पूरी की जाए। पीके ने जोर देकर कहा कि जनता को इस मामले की सच्चाई जानने का अधिकार है और उपमुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने सम्राट चौधरी पर छह लोगों की हत्या का भी आरोप लगाया जिसमें मुंगेर में एक कांग्रेस नेता की हत्या शामिल है। उन्होंने बताया कि उस वक्त कोर्ट ने नाबालिग होने के कारण उन्हें राहत दी थी लेकिन आरोप बरकरार थे। प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की कि ऐसे अभियुक्तों को राज्य प्रशासन में जगह नहीं मिलनी चाहिए और उन्हें तत्काल पद छोड़ना चाहिए।
इसके अलावा पीके ने सम्राट चौधरी पर उम्र के कागजात में धोखाधड़ी करने का भी आरोप लगाया जिसके कारण उन्हें पहली बार मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। यह विवाद बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ने वाला है और आने वाले दिनों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। बता दें कि अभी तक सम्राट चौधरी या उनकी पार्टी की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।