पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े खिलाड़ियों और पूर्व खिलाड़ियों की बयानबाजी अक्सर चर्चा में रहती है। कई बार मैच से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन नतीजे इसके उलट आते ही वही बयान उनके लिए असहज स्थिति पैदा कर देते हैं। ऐसा ही मामला पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के साथ देखने को मिला।
मैच से पहले एक टीवी शो के दौरान शोएब अख्तर ने काफी आत्मविश्वास के साथ कहा था कि पाकिस्तान टीम इंग्लैंड को हराकर जरूरी अंक हासिल कर लेगी और आगे के मुकाबलों में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाए तो उन्हें खुशी होगी। उनके इस बयान ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोर ली थीं।
लेकिन मैच का परिणाम पाकिस्तान के खिलाफ गया और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद जब शोएब अख्तर उसी चैनल के कार्यक्रम में नजर आए, तो उनका अंदाज पूरी तरह बदला हुआ दिखा। पहले जहां वे आक्रामक और आत्मविश्वासी नजर आ रहे थे, वहीं अब उनकी आवाज धीमी थी और वे काफी निराश दिखाई दे रहे थे।
हार के बाद उन्होंने टीम की कप्तानी और रणनीति पर सवाल उठाए। खास तौर पर कप्तान के फैसलों को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। हालांकि इस दौरान उनका आत्मविश्वास पहले जैसा नहीं दिखा और वे ज्यादा आक्रामक तरीके से अपनी बात भी नहीं रख पाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि मैच से पहले की गई बयानबाजी कई बार खिलाड़ियों पर ही भारी पड़ जाती है। जो उम्मीदें और दावे किए जाते हैं, अगर टीम उन पर खरी नहीं उतरती, तो वही बातें आलोचना का कारण बन जाती हैं।
पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज सकलैन मुश्ताक ने भी मैच से पहले टीम की तारीफ करते हुए कहा था कि इस टीम में इंग्लैंड को हराने की पूरी क्षमता है। लेकिन हार के बाद उन्होंने भी टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल उठाए।
अब टूर्नामेंट में पाकिस्तान की स्थिति काफी मुश्किल हो गई है। टीम की आगे की राह अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर करती है। अगर न्यूजीलैंड अपने आने वाले मैच जीत जाता है, तो पाकिस्तान की जीत भी उसे आगे नहीं ले जा पाएगी। ऐसे में पाकिस्तान के लिए समीकरण काफी जटिल हो चुके हैं।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि क्रिकेट में प्रदर्शन ही सबसे बड़ी सच्चाई है। मैदान पर नतीजे ही तय करते हैं कि किसकी बात सही साबित होगी और किसे आलोचना का सामना करना पड़ेगा।