उत्तर प्रदेश के धनारी थाना क्षेत्र के गांव भागनगर में शनिवार की सुबह बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। तड़के पांच बजे एसडीएम गुन्नौर वंदना मिश्रा के नेतृत्व में बिजली विभाग की विशाल टीम ने गांव में धावा बोला और चेकिंग शुरू की। अचानक हुई इस छापेमारी से ग्रामीणों को भनक तक नहीं लगी, क्योंकि लोग उस समय गहरी नींद में थे।
इस अभियान में लगभग 300 कनेक्शन की जांच हुई, जिनमें से 150 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई। यह कार्रवाई बिजली विभाग के अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक मानी जा रही है।
180 सदस्यीय टीम की छापेमारी
इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए जिलेभर से अधिकारियों और कर्मचारियों को बुलाया गया। टीम में अधिशासी अभियंता बबराला अजय शुक्ला के साथ-साथ अन्य अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता शामिल रहे। मौके पर दो गाड़ी पीएसी और धनारी थाना पुलिस बल भी मौजूद था। ताकि किसी तरह का विरोध या उपद्रव न हो सके। इस संयुक्त टीम ने गांव के हर मोहल्ले में जाकर मीटर, तार और कनेक्शन की गहन जांच की।
कैसे हुआ खुलासा
छापेमारी के दौरान विभाग ने पाया कि – कई घरों में मीटर से छेड़छाड़ की गई थी। कुछ घरों में बिना मीटर सीधे तार डालकर कनेक्शन लिया गया था। चोरी के कारण विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था। जब टीम ने अचानक बिजली आपूर्ति बंद कर चेकिंग शुरू की तो दर्जनों घरों में गैरकानूनी कनेक्शन पकड़े गए।
ग्रामीणों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई ग्रामीण घर छोड़कर भागने लगे। कुछ लोगों ने दरवाजे बंद कर खुद को अंदर कैद कर लिया। जिनके घरों में चोरी पकड़ी गई, वे बुरी तरह डर गए। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने सफाई दी कि उन्हें चोरी की तकनीकी जानकारी ही नहीं थी और स्थानीय बिजली मिस्त्री ने ऐसा कनेक्शन कर दिया था।
प्रशासन का सख्त रुख
एसडीएम गुन्नौर वंदना मिश्रा ने स्पष्ट कहा: “बिजली चोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सरकार और ईमानदार उपभोक्ताओं दोनों के साथ धोखा है। जिनके खिलाफ चोरी के सबूत मिले हैं, उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” अधिशासी अभियंता अजय शुक्ला ने बताया कि विभाग ने जिन घरों में चोरी पकड़ी है, उन्हें भारी जुर्माने और एफआईआर का सामना करना पड़ेगा।
बिजली चोरी क्यों है गंभीर समस्या?
उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी लंबे समय से एक चुनौती रही है। इससे राज्य सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। बिजली चोरी के कारण सप्लाई बाधित होती है और ईमानदार उपभोक्ताओं को कटौती झेलनी पड़ती है। कई बार ओवरलोडिंग से ट्रांसफॉर्मर फुंक जाते हैं और गांव अंधेरे में डूब जाता है। इसलिए विभाग ने अब चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
आगे की कार्रवाई
पकड़े गए 150 घरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग ने बकाया और जुर्माने की वसूली के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी की है। आने वाले दिनों में आसपास के गांवों में भी छापेमारी की जाएगी।
संदेश साफ – अब नहीं चलेगी बिजली चोरी
भागनगर गांव की यह कार्रवाई सिर्फ एक उदाहरण है। इससे यह साफ संदेश गया है कि अब बिजली चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एसडीएम ने कहा कि “जो लोग चोरी करेंगे, उन्हें न केवल जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि जेल भी जाना पड़ सकता है।”
धनारी थाना क्षेत्र का यह अभियान दिखाता है कि सरकार अब बिजली चोरी पर जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। यह कदम न सिर्फ विभाग की सख्ती का संकेत है, बल्कि ईमानदार उपभोक्ताओं के हक में भी है।