नई दिल्ली। इनकम टैक्स विभाग ने टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ते हुए देशभर में 200 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई उन लोगों और संस्थाओं के खिलाफ की जा रही है, जिन्होंने राजनीतिक चंदे, ट्यूशन फीस और मेडिकल खर्चों जैसे खर्चों के नाम पर फर्जी बिलों के ज़रिए टैक्स छूट का अनुचित लाभ उठाया है।
किस-किस पर गिरी IT की गाज?
सूत्रों के मुताबिक यह रेड मुख्य रूप से उन व्यक्तियों, कोचिंग संस्थानों, निजी अस्पतालों और एनजीओ के ठिकानों पर की जा रही है, जो सालों से फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए आयकर में छूट लेते आ रहे थे।
विशेषकर वे लोग निशाने पर हैं जिन्होंने:
- पॉलिटिकल डोनेशन के नाम पर नकली रसीदें बनवाईं।
- बच्चों की ट्यूशन फीस के नाम पर नकली स्कूलों की रसीद दिखाई।
- मेडिकल बिल और खर्चों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
कहां-कहां हो रही है कार्रवाई?
इनकम टैक्स विभाग की टीमों ने दिल्ली, मुंबई, पुणे, लखनऊ, भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद, पटना और हैदराबाद जैसे शहरों में एक साथ दबिश दी है। फोरेंसिक जांच टीमें भी छापों में शामिल हैं, ताकि डिजिटल और पेपर ट्रेल को तुरंत खंगाला जा सके।
शुरुआती जांच में क्या मिला?
सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की फर्जी टैक्स छूट, नकली रसीदें, अघोषित संपत्तियां और शेल कंपनियों से लेन-देन के सबूत मिले हैं। कुछ मामलों में राजनीतिक दलों को चंदे के नाम पर फर्जी भुगतान दिखाकर टैक्स बचाने की साज़िश भी सामने आई है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि टैक्स चोरी या फर्जी रियायतें लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वित्त मंत्रालय का कहना है कि आयकर कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।