विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। भदोही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपनी साधना और विचारों के माध्यम से समाज को जोड़ने का संदेश दिया था। ऐसे महान संत के नाम से जिले का नाम जुड़ना गौरव की बात है।
संत रविदास के नाम पर जिले की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास के सामाजिक विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सदियों पहले ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां सभी को अन्न मिले और किसी के साथ भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज में समानता और भाईचारे का संदेश दिया था।
सीएम योगी ने कहा कि संत रविदास की ख्याति मध्यकाल में भी काफी व्यापक थी। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास के नाम से भदोही की नई पहचान उनके विचारों और सामाजिक संदेश को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी।
1,340 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भदोही में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने जिले को 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास को गति देने के साथ स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को भी नई संभावनाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। भदोही के विकास में कालीन उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए सरकार इस क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और नए बाजारों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही में आयोजित ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का भी शुभारंभ किया। इसे एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेलों में शामिल किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि भदोही के कालीन उद्योग की पहचान दुनिया भर में है और आने वाले समय में यह उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
कारीगरों के हुनर को नई पहचान देने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन हाथों ने सदियों से कालीन बुनकर अपनी कला को जीवित रखा है, उनमें नई तकनीक और आधुनिक डिजाइन का समावेश भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कालीन कारीगरों के हुनर, कला और उनकी मेहनत को पहचान दिलाने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन प्रयासों से कारीगरों को नए बाजार और आधुनिक डिजाइन से जुड़ने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी और निर्यातकों, विक्रेताओं, उद्यमियों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों को शुभकामनाएं दीं।
भदोही के कालीन उद्योग को नई उड़ान की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि भदोही आने वाले समय में कालीन उद्योग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा। जिले का नाम संत रविदास से जोड़ने के ऐलान के साथ ही विकास परियोजनाओं और कालीन उद्योग को बढ़ावा देने की योजनाओं को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।